■ महाराष्ट्र साइबर पुलिस की कार्रवाई; पोक्सो और आईटी एक्ट के तहत मामला दर्ज, डिजिटल साक्ष्यों की फॉरेंसिक जांच शुरू।
मुंबई वार्ता संवाददाता सम्मेलन

महाराष्ट्र साइबर पुलिस ने बच्चों के यौन शोषण से संबंधित आपत्तिजनक तस्वीरें और वीडियो डाउनलोड कर मोबाइल में रखने के आरोप में मालाड (पश्चिम) से 49 वर्षीय एक व्यक्ति को गिरफ्तार किया है। आरोपी की पहचान सैफुद्दीन जमीरुद्दीन मलिक के रूप में हुई है।


पुलिस के अनुसार, आरोपी के मोबाइल फोन की जांच के दौरान बच्चों के यौन शोषण और उत्पीड़न से संबंधित 20 हजार से अधिक तस्वीरें और वीडियो बरामद हुए हैं। इस खुलासे के बाद पुलिस ने मामले की विस्तृत जांच शुरू कर दी है।महाराष्ट्र साइबर विभाग के अधिकारियों के मुताबिक, ऑनलाइन प्लेटफॉर्म की नियमित निगरानी के दौरान विभाग की विशेष टीमों को एक व्यक्ति द्वारा बच्चों के यौन शोषण से संबंधित सामग्री डाउनलोड कर अपने इलेक्ट्रॉनिक उपकरण में संग्रहित करने की खुफिया जानकारी मिली थी। इस सूचना के आधार पर साइबर पुलिस ने तकनीकी निगरानी और आधुनिक साइबर इंटेलिजेंस उपकरणों की मदद से जांच शुरू की।
जांच के दौरान संदिग्ध की पहचान मालाड पश्चिम निवासी सैफुद्दीन जमीरुद्दीन मलिक (49) के रूप में हुई। प्रारंभिक जांच और जुटाए गए तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर महाराष्ट्र साइबर पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 294 के साथ लैंगिक अपराधों से बच्चों का संरक्षण अधिनियम (पोक्सो), 2012 और सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम, 2000 की संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज किया। इसके बाद आरोपी को मालाड पश्चिम से गिरफ्तार कर लिया गया।पुलिस ने आरोपी के मोबाइल फोन की जांच की तो उसमें बच्चों के यौन शोषण से संबंधित 20 हजार से अधिक तस्वीरें और वीडियो मिले। बरामद सामग्री की बड़ी संख्या को देखते हुए पुलिस ने जब्त मोबाइल फोन और अन्य डिजिटल साक्ष्यों की विस्तृत फॉरेंसिक जांच शुरू की है।
जांच अधिकारियों का मुख्य उद्देश्य यह पता लगाना है कि आरोपी को यह सामग्री कहां से मिलती थी, वह इसे किन माध्यमों से डाउनलोड करता था और क्या उसने इस सामग्री को किसी अन्य व्यक्ति या ऑनलाइन प्लेटफॉर्म पर साझा अथवा प्रसारित भी किया था। पुलिस इस मामले में अन्य लोगों की संभावित संलिप्तता की भी जांच कर रही है। फॉरेंसिक जांच से इस पूरे डिजिटल नेटवर्क के संबंध में महत्वपूर्ण जानकारी मिलने की उम्मीद है।महाराष्ट्र साइबर विभाग ने स्पष्ट किया है कि बच्चों के यौन शोषण से संबंधित सामग्री को डाउनलोड करना, अपने पास रखना, साझा करना, प्रसारित करना या ऑनलाइन माध्यमों से फैलाना गंभीर आपराधिक कृत्य है और इसके लिए संबंधित कानूनों के तहत कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाती है।
विभाग के अनुसार, महिलाओं और बच्चों को निशाना बनाने वाले साइबर अपराधों पर निगरानी रखने तथा उनके खिलाफ कार्रवाई करने के लिए तीन विशेष इकाइयां कार्यरत हैं। इन इकाइयों ने अब तक 5.67 लाख से अधिक साइबर टिपलाइन रिपोर्ट और 31 हजार ऑनलाइन बाल शोषण शिकायतों (ओसीईसी) पर कार्रवाई की है।
महाराष्ट्र साइबर पुलिस ने नागरिकों से अपील की है कि बच्चों के ऑनलाइन यौन शोषण, ऐसी आपत्तिजनक सामग्री के प्रसार अथवा संदिग्ध डिजिटल गतिविधियों की जानकारी मिलने पर राष्ट्रीय साइबर अपराध रिपोर्टिंग पोर्टल www.cybercrime.gov.in, राष्ट्रीय साइबर अपराध हेल्पलाइन नंबर 1930 या नवी मुंबई के महापे स्थित महाराष्ट्र साइबर मुख्यालय में शिकायत दर्ज कराएं।


