श्रीश उपाध्याय/मुंबई वार्ता

वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने मोदी सरकार के तीसरे कार्यकाल के पहले पूर्ण बजट में मिडिल क्लास को बड़ी राहत प्रदान है। न्यू टैक्स रिजीम के तहत अभी तक सात लाख रुपये की सालाना आमदनी वालो को इनकम टैक्स से राहत थी, अब इसके अंतर्गत 12 लाख रुपये तक की आय वाले को कोई टैक्स नहीं देना होगा। अर्थात जिनकी मासिक आय एक लाख रुपये तक है उन्हें कोई इनकम टैक्स नहीं देना होगा।
इन बदलावों के साथ न्यू टैक्स रिजीम में 12 लाख रुपये तक की वार्षिक आय पर शून्य टैक्स और स्टैंडर्ड डिडक्शन 75 हजार रुपये को मिलाने पर 12.75 लाख रुपये तक की सालाना आय वाले सैलरीड क्लास को कोई टैक्स नहीं देना होगा।
वित्त वर्ष में इससे अधिक कमाई करने वाले टैक्स के दायरे में आएंगे। वित्त मंत्री ने बजट भाषण के दौरान कहा कि,” इससे 18 लाख रुपये वार्षिक आय वाले व्यक्तियों को 70,000 रुपये की टैक्स छूट और 12 लाख रुपये वार्षिक आय वाले इनकम टैक्स दाताओं को 80,000 रुपये की छूट का लाभ मिलेगा। ये प्रस्ताव वित्त वर्ष 2025-26 यानी असेसमेंट ईयर 2026-27 के लिए हैं।”


सरकार ने इनकम टैक्स स्लैब और इनकम टैक्स दरों में बदलाव का बजट में प्रस्ताव रखा। चार लाख रुपये की आय पर शून्य कर, चार से आठ लाख रुपये की आय पर 5% प्रतिशत, 8 से 12 लाख रुपये की आय पर 10% और 12 से 16 लाख रुपये की आय पर 15 प्रतिशत टैक्स लगेगा।
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा कि, ” सरकार ने समय-समय पर टैक्सपेयर्स के बोझ को कम किया है। 2014 के ठीक बाद जीरो टैक्स स्लैब को बढ़ाकर ₹2.5 लाख कर दिया गया, जिसे 2019 में बढ़ाकर 5 लाख रुपये और 2023 में 7 लाख रुपये कर दिया गया था। न्यू टैक्स रिजीम में अब 12 लाख रुपये तक की आय पर कोई आयकर नहीं देना होगा। हालांकि, कैपिटल गेन्स आदि में यह व्यवस्था नहीं लागू होगी। “
इनकम टैक्स स्लैब और रेट में बदलाव से किसको कितान फायदा होगा, इसे नीचे दिए पॉइंट्स से समझ सकते हैं
●12 लाख की आय वाले टैक्सपेयर्स को टैक्स में 80,000 का लाभ मिलेगा क्योंकि उनकी देनदारी शून्य हो जाएगी।
●16 लाख तक की आय वाले टैक्सपेयर्स को 50,000 रुपये का लाभ मिलेगा।
●18 लाख की आय वाले टैक्सपेयर्स को 70,000 रुपये का लाभ मिलेगा।
●20 लाख रुपये की आय वाले को 90,000 रुपये का लाभ मिलेगा।
●25 लाख रुपये की आय वाले टैक्सपेयर्स को 1,10,000 रुपये का लाभ मिलेगा।
●50 लाख रुपये की आय वाले टैक्सपेयर्स को भी 1,10,000 रुपये का लाभ मिलेगा।
●सीनियर सिटीजन्स की एक लाख तक की ब्याज पर टीडीएस नहीं
आम बजट 2025-26 में इनकम के सोर्स पर टैक्स की कटौती (टीडीएस) की दरों में कटौती के लिए न्यूनतम आय की सीमा को बढ़ाया है। सीनियर नागरिकों को ब्याज से मिलने वाले आय पर टीडीएस कटौती की सीमा 50 हजार रुपये वार्षिक से बढ़ाकर एक लाख रुपये वार्षिक की गयी। किराये से होने वाली आय पर टीडीएस के लिए आय की न्यूनतम सीमा 2.40 लाख से बढ़ाकर छह लाख रुपये वार्षिक की है। विदेश में पैसा भेजने की रिजर्व बैंक की उदार योजना (एलआरएस) के तहत टीसीएस छह लाख रुपये की जगह 10 लाख रुपये के ऊपर की रकम पर लागू होगा.


