श्रीश उपाध्याय/मुंबई वार्ता

13 मई को घाटकोपर में होर्डिंग गिरने के मामले में निलंबित आईपीएस अधिकारी कैसर खालिद के खिलाफ मुंबई क्राइम ब्रांच ने भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत आपराधिक जांच शुरू करने की बात कही है। क्राइम ब्रांच ने अपनी रिपोर्ट के माध्यम से यह मांग राज्य के गृह विभाग से की है.
ज्ञात हो कि होर्डिंग गिरने के छह सप्ताह बाद कैसर खालिद को निलंबित कर दिया गया था. यह घटना उस समय हुई थी जब खालिद मुंबई रेलवे पुलिस के कमिश्नर थे. इस हादसे में 17 लोगों की मौत हो गई थी और करीब 80 लोग घायल हो गए थे .
राज्य गृह विभाग को सौंपी गई अपनी रिपोर्ट में क्राइम ब्रांच ने खालिद पर नियमों और टेंडर मानदंडों का उल्लंघन कर रेलवे पुलिस की जमीन पर होर्डिंग लगाने की अनुमति देने का आरोप लगाया है . रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि कैसर खालिद को आपराधिक गतिविधियों में शामिल पाया गया है . उनके खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की धारा 13 के तहत जांच की सिफारिश की गई है। इसके लिए राज्य गृह विभाग की मंजूरी जरूरी है .
इस मामले में महाराष्ट्र भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो ने भी जांच शुरू की है. मामले के एक अन्य आरोपी मोहम्मद रईस खान ने आरोप लगाया है कि उन्होंने खालिद और उनकी पत्नी के व्यापारिक साझेदार को 30 लाख रुपये दिए थे और होर्डिंग का ठेका पाने के लिए अमेरिका में उनके होटल में ठहरने का खर्च उठाया था .
आईपीएस अधिकारी कैसर खालिद की पत्नी के व्यापारिक साझेदार अरशद खान पर आरोप है कि उन्होंने ईगो मीडिया से 84 लाख रुपये लिए थे। होर्डिंग गिरने के बाद से खान फरार था और दिसंबर में उसे लखनऊ से गिरफ्तार किया गया था। अरशद खान ने दावा किया कि यह पैसा दवाइयों के भुगतान के लिए मिला था। पुलिस के अनुसार, खान ने ईगो मीडिया द्वारा जारी चेक जमा करने के लिए अपनी पत्नी और रिश्तेदारों के बैंक खातों का उपयोग किया था।


