मुंबई एयरपोर्ट पर ड्रग तस्करी के खिलाफ कस्टम्स की बड़ी कार्रवाई .
मुंबई वार्ता संवाददाता

मुंबई, देश की आर्थिक राजधानी और अंतरराष्ट्रीय यात्रा का प्रमुख केंद्र, लगातार अवैध तस्करी के खिलाफ सख्त निगरानी में है। छत्रपति शिवाजी महाराज अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा पर तैनात एयरपोर्ट कमिश्नरेट, मुंबई कस्टम्स ज़ोन-III ने मादक पदार्थों की तस्करी के विरुद्ध बड़ी सफलता हासिल की है। इसके बावजूद तस्करी के मामलों में लगातार बढ़ोतरी हो रही है।


वित्त वर्ष 2025-26 (जनवरी 2026 तक) में एनडीपीएस के तहत 207 मामले दर्ज किए गए हैं, जो पिछले वित्त वर्ष 2024-25 के 57 मामलों की तुलना में लगभग चार गुना अधिक हैं। इस अवधि में कुल 1,113 किलोग्राम से अधिक मादक पदार्थ जब्त किए गए, जिनकी अनुमानित अंतरराष्ट्रीय बाजार कीमत ₹1,217.90 करोड़ आंकी गई है।
● हाइड्रोपोनिक वीड बनी सबसे बड़ी चुनौती
हाल के वर्षों में हाइड्रोपोनिक वीड (उन्नत तकनीक से उगाई गई गांजा) की तस्करी सबसे बड़ी समस्या बनकर उभरी है। अप्रैल 2025 से जनवरी 2026 के बीच अकेले मुंबई एयरपोर्ट के एयर इंटेलिजेंस यूनिट (AIU) ने 200 मामले दर्ज कर 1,101 किलोग्राम से अधिक गांजा जब्त किया। इस तस्करी का प्रमुख स्रोत थाईलैंड बताया गया है।
● कोकीन तस्करी में भी भारी उछाल
वित्त वर्ष 2025-26 में कोकीन के 5 मामलों में 11.626 किलोग्राम कोकीन जब्त की गई, जिसकी कीमत लगभग ₹116.26 करोड़ है। इससे पहले 2024-25 में इतनी ही संख्या के मामलों में 5.09 किलोग्राम कोकीन पकड़ी गई थी।
● तस्करों के नए तरीके
जांच में सामने आया है कि अंतरराष्ट्रीय ड्रग सिंडिकेट थाईलैंड के बैंकॉक में एजेंटों के जरिए ‘म्यूल्स’ की भर्ती करते हैं। इन्हें मुफ्त हवाई टिकट, होटल में ठहराव और मामूली रकम देकर भारत भेजा जाता है। कुछ मामलों में तस्करों ने विदेश मंत्रालय के फर्जी ‘डिप्लोमैटिक पाउच’ का इस्तेमाल कर कस्टम्स अधिकारियों को गुमराह करने की कोशिश की।इसके अलावा, चिप्स के पैकेट, शैम्पू की बोतलें, सब्जियों और अलग-अलग उड़ानों के बैग टैग का उपयोग कर मादक पदार्थ छिपाए गए।
● कम जोखिम वाले यात्रियों को बनाया जा रहा निशाना
मुंबई एयरपोर्ट पर कड़ी जांच को देखते हुए तस्कर अब ऐसे यात्रियों को चुन रहे हैं जिन पर संदेह कम हो। इनमें 21 से 61 वर्ष तक के यात्री, बच्चों के साथ यात्रा करने वाले परिवार और महिलाएं शामिल हैं। कुल मामलों में महिलाओं की हिस्सेदारी लगभग 25 प्रतिशत तक पहुंच गई है।
● खतरनाक तरीके और विदेशी तस्कर
कोकीन तस्करी में विदेशी नागरिकों की संलिप्तता भी सामने आई है। एक मामले में 61 वर्षीय युगांडा नागरिक के पेट से 80 कैप्सूल में छिपाकर लाई गई 866 ग्राम कोकीन बरामद की गई। वहीं, एक अन्य मामले में एयरलाइन क्रू सदस्य को 5.194 किलोग्राम कोकीन के साथ गिरफ्तार किया गया।
● कानूनी सख्ती और नशामुक्त भारत की दिशा में कदम
भारत में मादक पदार्थों से जुड़े अपराधों पर कड़े कानून लागू हैं, जिनमें व्यावसायिक मात्रा की तस्करी पर न्यूनतम 10 से 20 साल तक की सजा और भारी जुर्माने का प्रावधान है।नशामुक्त भारत अभियान के तहत मुंबई एयरपोर्ट कमिश्नरेट ने चालू वित्त वर्ष में अब तक 415 किलोग्राम से अधिक जब्त मादक पदार्थों को नष्ट किया है, जिनकी कीमत लगभग ₹486 करोड़ थी।
कस्टम्स अधिकारियों का कहना है कि सतर्क निगरानी, अंतरराष्ट्रीय सहयोग और सख्त कार्रवाई के जरिए मुंबई एयरपोर्ट ड्रग तस्करी के खिलाफ देश की अग्रिम पंक्ति में खड़ा है और “नशामुक्त भारत” के लक्ष्य को साकार करने के लिए लगातार प्रयासरत है।


