मुंबई वार्ता/सतीश सोनी

मुंबई को जलापूर्ति करने वाली सात झीलों में से एक, विहार झील, सोमवार दोपहर २.४५ बजे लबालब भर गई। सभी सात झीलों का कुल जल संग्रहण ९१.१८ प्रतिशत तक पहुँच गया है । पिछले कई दिनों से बांध क्षेत्र में भारी बारिश के कारण जल संग्रहण 89 प्रतिशत पर स्थिर हो गया था।


मुंबई की सात झीलों – अपर वैतरणा, वैतरणा, मोदकसागर, तानसा, भातसा, विहार और तुलसी – से प्रतिदिन ३९०० मिलियन लीटर पानी की आपूर्ति की जाती है। इन सभी सात झीलों की जल संग्रहण क्षमता १४ लाख ४७ हजार ३६३ मिलियन लीटर है और अब बांध में १३ लाख १९ हजार ६४० मिलियन लीटर पानी का भंडारण है। पिछले कुछ दिनों से बांध के जलग्रहण क्षेत्र में बारिश में कमी आई थी। इससे बांध का जलभंडार ८९ प्रतिशत पर स्थिर हो गया था। हालांकि, पिछले कुछ दिनों में जलग्रहण क्षेत्र में लगातार हो रही भारी बारिश के कारण जलाशयों का जलस्तर तेजी से बढ़ रहा है। इस बीच, सोमवार दोपहर २.४५ बजे विहार झील छलकने लगी। विहार झील की अधिकतम जलभंडार क्षमता २७,६९८ मिलियन लीटर है। यह झील पिछले साल यानी २५ जुलाई २०२४ को भरी थी। साथ ही, २०२३ में २६ जुलाई, २०२२ में ११ अगस्त और २०२१ में १८ जुलाई को भी भरी थी।
वर्तमान में सभी सात बांधों में ९१.१८ प्रतिशत जलभंडार उपलब्ध है। ऊपरी वैतरण में जल संग्रहण ८७.१३ प्रतिशत, मोदकसागर में ८६.६१ प्रतिशत, तानसा में ९८.८१ प्रतिशत, मध्य वैतरण में ९७.३४ प्रतिशत, भाटसा में ८९.८२ प्रतिशत, विहार में ९५.१६ प्रतिशत और तुलसी में १०० प्रतिशत है।


