■ पहले चरण में 246 किलोमीटर फुटपाथ अतिक्रमण मुक्त, 1,711 स्थानों पर कार्रवाई.
मुंबई वार्ता संवाददाता

मुंबई को पैदल चलने के लिए सुरक्षित, सुविधाजनक और बेहतर महानगर बनाने के उद्देश्य से बृहन्मुंबई महानगरपालिका (BMC) ने ‘पैदल यात्री प्रथम’ (Pedestrian First) अभियान तेज कर दिया है। इस अभियान को प्रभावी बनाने के लिए गुरुवार को वीरमाता जीजाबाई भोसले वनस्पति उद्यान एवं प्राणिसंग्रहालय के पेंग्विन कक्ष में फुटपाथ और पैदल यात्रियों के विषय के विशेषज्ञों, शोधकर्ताओं तथा महानगरपालिका अधिकारियों के बीच एक विशेष चर्चा सत्र आयोजित किया गया।


सर्वोच्च न्यायालय के निर्देशों के अनुसार महानगरपालिका आयुक्त अश्विनी भिड़े के मार्गदर्शन में पूरे मुंबई में फुटपाथों पर मौजूद अनधिकृत फेरीवालों और अतिक्रमण को हटाकर उन्हें बाधामुक्त बनाने के लिए यह अभियान चलाया जा रहा है। चर्चा सत्र का उद्देश्य अभियान को और प्रभावी बनाने के साथ-साथ अधिकारियों और अभियंताओं को फुटपाथ निर्माण तथा पैदल यात्रियों से जुड़े विभिन्न पहलुओं की जानकारी देना था।


■ ‘मुंबई को पैदल चलने के लिए सर्वोत्तम शहर बनाएं’
अतिरिक्त महानगरपालिका आयुक्त (पूर्व उपनगर) डॉ. अविनाश ढाकणे ने चर्चा सत्र की शुरुआत करते हुए कहा कि अभियान के दौरान अधिकारियों को कई तरह की व्यावहारिक और कानूनी चुनौतियों का सामना करना पड़ता है। इन समस्याओं का समाधान कैसे किया जाए और जरूरत पड़ने पर कानूनी सलाह किस तरह ली जाए, इसकी जानकारी उन्होंने दी। उन्होंने कहा कि यदि नागरिकों को सुरक्षित और सुविधाजनक पैदल मार्ग उपलब्ध कराया जाए तो वे पैदल चलना पसंद करते हैं। इसलिए नागरिकों के लिए सुगम और
■ व्यवस्थित फुटपाथ तैयार किए जाने चाहिए।
पूर्व मुख्य सचिव डॉ. नितीन करीर ने कहा कि ‘पैदल यात्री प्रथम’ अभियान क्या है और इसे किस तरह लागू किया जाना चाहिए, इसकी जानकारी महानगरपालिका के सभी अधिकारियों और अभियंताओं तक पहुंचना जरूरी है। उन्होंने कहा कि अभियान की पूरी जानकारी वार्ड स्तर तक पहुंचनी चाहिए। इसके लिए जल्द ही एक सूचना पुस्तिका तैयार की जाएगी। उन्होंने अपनी लंबी प्रशासनिक सेवा के अनुभव भी अधिकारियों के साथ साझा किए।
■ मुंबई में 50 प्रतिशत लोग रोज पैदल यात्रा करते हैं
‘अर्बन वर्क्स इंस्टीट्यूट’ की संस्थापक श्रेया गाडेपल्ली ने प्रस्तुति के माध्यम से मुंबई सहित देश के विभिन्न शहरों में फुटपाथों की स्थिति, उनके निर्माण और संबंधित नीतियों की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि फुटपाथ नागरिकों के लिए होते हैं और शहर में सुरक्षित तरीके से चलना हर व्यक्ति की बुनियादी जरूरत है।
उन्होंने बताया कि मुंबई में लगभग 50 प्रतिशत नागरिक रोजाना पैदल यात्रा करते हैं, 30 प्रतिशत सार्वजनिक परिवहन का इस्तेमाल करते हैं और 20 प्रतिशत लोग निजी वाहनों से यात्रा करते हैं। इसके बावजूद उपलब्ध सड़क क्षेत्र का लगभग 82 प्रतिशत हिस्सा निजी वाहनों के कब्जे में रहता है, जबकि इन वाहनों से केवल करीब 19 प्रतिशत नागरिक यात्रा करते हैं। ऐसे में बड़ी संख्या में नागरिकों के लिए सुरक्षित और व्यवस्थित पैदल मार्ग उपलब्ध कराना महानगरपालिका की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी है।
उन्होंने यह भी बताया कि एक आदर्श फुटपाथ कैसा होना चाहिए और उसके निर्माण में किन बातों का ध्यान रखना चाहिए।
फुटपाथ, ट्रैफिक आइलैंड और रैंप को लेकर विशेषज्ञों ने दिए सुझाव
‘वॉकिंग प्रोजेक्ट’ के संस्थापक और संयोजक ऋषि अग्रवाल ने प्रस्तुति के जरिए अधिकारियों और अभियंताओं से संवाद किया। उन्होंने मुंबई के विभिन्न फुटपाथों की जानकारी देते हुए बताया कि ट्रैफिक आइलैंड किस तरह बनाए जाने चाहिए, पेड़ों के तनों के आसपास कितनी मिट्टी होनी चाहिए और हाउसिंग सोसाइटी में रैंप किस प्रकार तैयार किए जाने चाहिए।
नगर नियोजक पंकज जोशी ने न्यूयॉर्क और हांगकांग की सिग्नल व्यवस्था तथा पैदल यात्रियों के लिए उपलब्ध सुविधाओं की जानकारी दी। उन्होंने दक्षिण मुंबई के विभिन्न फुटपाथों के निर्माण में पत्थरों के इस्तेमाल, फुटपाथ निर्माण की तकनीक, दिशासूचक बोर्ड लगाने की उचित जगह तथा पेड़ों के चारों ओर सुरक्षा घेरा कितना ऊंचा होना चाहिए, इस पर मार्गदर्शन दिया।
मुंबई मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन लिमिटेड के निदेशक रमणा राचाप्रोलू ने मेट्रो निर्माण के दौरान पैदल यात्रियों और फुटपाथों से संबंधित नीतियों की जानकारी साझा की।
■ सवाल-जवाब के जरिए अधिकारियों की शंकाओं का समाधान
चर्चा सत्र के दूसरे चरण में महानगरपालिका के सह आयुक्तों, उपायुक्तों, सहायक आयुक्तों और अभियंताओं ने अभियान के क्रियान्वयन से संबंधित सवाल उठाए। विशेषज्ञों और अधिकारियों ने उनके सवालों और शंकाओं का समाधान किया।
डॉ. नितीन करीर ने कहा कि इस अभियान में सहायक आयुक्तों की भूमिका बेहद महत्वपूर्ण है। उन्होंने मुंबई के फुटपाथों में सुधार के लिए चरणबद्ध तरीके से उपाय लागू करने की आवश्यकता पर जोर दिया।
डॉ. अविनाश ढाकणे ने फुटपाथों के किनारे बड़े पेड़ लगाने के बजाय स्थानीय प्रजातियों के कम ऊंचाई वाले पेड़ लगाने का सुझाव दिया, ताकि पैदल यात्रियों की आवाजाही में बाधा न आए।
■ अतिक्रमण दोबारा न हो, इस पर भी जोर
विशेषज्ञों ने कहा कि ‘पैदल यात्री प्रथम’ अभियान को सफल बनाने के लिए महानगरपालिका अधिकारियों के साथ-साथ विभिन्न सरकारी एजेंसियों और पुलिस का सहयोग भी जरूरी है। सहायक आयुक्तों और उपायुक्तों को हर महीने अभियान की समीक्षा बैठक करने का सुझाव दिया गया।
इसके अलावा एक बार हटाए गए अतिक्रमण को दोबारा न होने देने के लिए निगरानी व्यवस्था मजबूत करने पर जोर दिया गया। प्रत्येक अभियंता को अपने क्षेत्र के फुटपाथों का स्वयं पैदल निरीक्षण करने और समस्याग्रस्त मामलों में कानूनी सलाह लेने की सलाह दी गई।
अभियान के तहत जिन फुटपाथों को अतिक्रमण से मुक्त किया गया है, उनकी जानकारी नागरिकों तक पहुंचाने और उन्हें इन सुविधाजनक फुटपाथों का इस्तेमाल करने के लिए प्रोत्साहित करने का भी आह्वान किया गया।
■ 1,711 स्थानों पर कार्रवाई, 246 किलोमीटर फुटपाथ बाधामुक्त
महानगरपालिका के अनुसार ‘पैदल यात्री प्रथम’ अभियान के पहले चरण में 200 फुटपाथों से अतिक्रमण हटाने का लक्ष्य रखा गया है। इनमें से 136 फुटपाथों पर काम शुरू किया जा चुका है।
अभियान के तहत अब तक लगभग 246 किलोमीटर लंबाई के फुटपाथों को बाधामुक्त किया गया है और 1,711 स्थानों पर कार्रवाई की गई है। यह अभियान महानगरपालिका के सभी 26 प्रशासनिक विभागों में चलाया जा रहा है।


