मुंबई वार्ता संवाददाता

मुंबई महानगरपालिका (बीएमसी) के वर्ष 2025–26 के लिए हुए चुनावों में महिलाओं की भागीदारी और प्रतिनिधित्व उल्लेखनीय रूप से बढ़ा है। 227 वार्डों के लिए घोषित आरक्षण लॉटरी के तहत 114 वार्ड महिलाओं के लिए आरक्षित किए गए थे। इसके अनुरूप राजनीतिक दलों ने महिला उम्मीदवारों को टिकट दिए, जिसका सीधा असर चुनावी नतीजों में देखने को मिला।


शुक्रवार, 16 जनवरी को घोषित नतीजों के अनुसार लगभग 114 महिला उम्मीदवारों ने जीत दर्ज कर मुंबई महापालिका में प्रवेश किया है। इससे अब महापालिका मुख्यालय में महिलाओं की मजबूत आवाज सुनाई देने वाली है।चुनावी परिणामों में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की महिला नगरसेविकाओं की संख्या सबसे अधिक रही है, जबकि दूसरे स्थान पर उद्धव बालासाहेब ठाकरे गुट की महिला प्रतिनिधि हैं।
हालांकि मुंबई महापालिका को महिला महापौर मिलेगा या नहीं, इसका फैसला आगामी महापौर आरक्षण लॉटरी के बाद होगा, लेकिन मौजूदा नतीजों से यह स्पष्ट है कि महापालिका में महिला नेतृत्व पहले से कहीं अधिक मजबूत हुआ है।विशेष रूप से बोरीवली विधानसभा क्षेत्र में 7 में से 6 वार्डों से महिला उम्मीदवारों की जीत ने महिला सशक्तिकरण की तस्वीर को और स्पष्ट किया है।
पार्टीवार महिला नगरसेवकों की संख्या:
भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) – 44
उद्धव बालासाहेब ठाकरे गुट – 39
शिवसेना (शिंदे गुट) – 19
कांग्रेस पार्टी – 08
महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (मनसे) – 04
इन नतीजों से साफ है कि आगामी कार्यकाल में मुंबई महापालिका की राजनीति में महिला शक्ति निर्णायक भूमिका निभाने जा रही है।


