मुंबई वार्ता संवाददाता

मुंबई उपनगर जिले के पालक मंत्री एडवोकेट आशीष शेलार की अध्यक्षता में आज शासकीय जमीनों पर हुए अतिक्रमण और झोपड़पट्टी पुनर्वसन परियोजनाओं की समीक्षा बैठक आयोजित की गई। इस दौरान अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए गए कि पुनर्वसन योजनाएं पूरी होने के बाद दोबारा अतिक्रमण बढ़ने नहीं दिया जाए।
बैठक में बताया गया कि सभी पुनर्वसन परियोजनाएं पूर्ण होने के बाद लगभग 1 लाख 75 हजार पात्र झोपड़पट्टी धारकों को स्थायी आवास उपलब्ध कराया जाएगा।


■ अतिक्रमण और परियोजनाओं की स्थिति
वर्ष 2016 के सर्वेक्षण के अनुसार, मुंबई उपनगर जिले में करीब 4194 एकड़ सरकारी जमीन पर अतिक्रमण है।
ये जमीनें राज्य सरकार, मुंबई महानगरपालिका, म्हाडा और केंद्र सरकार के अधीन हैं।
वर्तमान में 87.79 लाख वर्गमीटर क्षेत्र में 926 पुनर्वसन परियोजनाएं चल रही हैं।
160 परियोजनाएं पूरी हो चुकी हैं
322 परियोजनाएं प्रगति पर हैं
114 परियोजनाएं स्थगित हैं
330 परियोजनाओं को मंजूरी मिल चुकी है।


इन परियोजनाओं के माध्यम से 1,75,511 पात्र लाभार्थियों को घर मिलेंगे। इसके लिए लगभग 1,04,892 अस्थायी (PAP) घर, 23,009 अतिरिक्त आवास और 2,416 स्थायी ट्रांजिट कैंप उपलब्ध कराए जाएंगे।
■ मंत्री के निर्देश
चल रही परियोजनाओं को शीघ्र पूरा किया जाए,
स्थगित परियोजनाओं में आ रही बाधाओं को तुरंत दूर किया जाए,
पात्र लाभार्थियों को जल्द से जल्द घर दिए जाएं,
भविष्य में अतिक्रमण रोकने के लिए सभी विभाग समन्वय के साथ काम करें।
■ ‘नेत्रम’ सिस्टम से निगरानी
बैठक में यह भी बताया गया कि अतिक्रमण पर नजर रखने के लिए प्रधानमंत्री गतिशक्ति अभियान के तहत ‘नेत्रम’ नामक डिजिटल प्रणाली विकसित की गई है।
इस प्रणाली के जरिए सैटेलाइट इमेज के माध्यम से अवैध कब्जों की निगरानी की जाती है और संबंधित अधिकारियों को तुरंत सूचना दी जाती है।
मंत्री आशीष शेलार ने निर्देश दिए कि ‘नेत्रम’ से प्राप्त जानकारी के आधार पर अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई तेज की जाए।
शेलार ने स्पष्ट कहा कि पुनर्वसन योजनाओं का उद्देश्य केवल लोगों को घर देना नहीं, बल्कि अतिक्रमण मुक्त और सुव्यवस्थित शहर बनाना है। इसलिए भविष्य में किसी भी तरह के अवैध कब्जे को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।


