मुंबई वार्ता/सतीश सोनी

प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) के मुंबई क्षेत्रीय कार्यालय ने 24 अगस्त को अमित अशोक थेपड़े को गिरफ्तार किया है। यह कार्रवाई धन शोधन निवारण अधिनियम (पीएमएलए), २००२ के तहत चल रही जाँच का हिस्सा है। उन्हें केनरा बैंक से संबंधित ११७.०६ करोड़ रुपये की बैंक धोखाधड़ी के आरोप में गिरफ्तार किया गया है। थेपड़े लंबे समय से अधिकारियों से बच रहे थे।


प्राप्त जानकारी के अनुसार, पता चला है कि वह पिछले दो महीनों से दक्षिण मुंबई के एक प्रसिद्ध पाँच सितारा होटल में ठहरे हुए थे। जिसके बाद ईडी ने गिरफ्तारी की यह कार्रवाई की।जिस होटल में थेपड़े ठहरे थे, वहां छापेमारी के दौरान ५० से ज़्यादा बैंक खाते फ्रीज कर दिए गए। इसके अलावा, ९.५ लाख रुपये नकद, २.३३ करोड़ रुपये के सोने और हीरे के आभूषण, दो वाहन और डिजिटल उपकरण ज़ब्त किए गए, जो वित्तीय लेनदेन से जुड़े अहम सबूत हो सकते हैं। माननीय विशेष न्यायालय (पीएमएलए) ने उन्हें 5 दिन की ईडी हिरासत में भेजने का आदेश दिया है।
ईडी ने सीबीआई और एसीबी, पुणे द्वारा दर्ज दो मामलों के आधार पर जाँच शुरू की थी। ये मामले गैलेक्सी कंस्ट्रक्शन्स एंड कॉन्ट्रैक्टर्स प्राइवेट लिमिटेड (जीसीसीपीएल) और मिट्सम एंटरप्राइजेज प्राइवेट लिमिटेड (एमईपीएल) से जुड़े हैं। इन दोनों कंपनियों के मालिक अमित थेपड़े हैं और उन्होंने विभिन्न अचल संपत्तियों को गिरवी रखकर केनरा बैंक से ऋण लिया था। जाँच से पता चला है कि आरोपियों ने एक ही संपत्ति को दो बार गिरवी रखकर या उससे प्राप्त धन को अपने इस्तेमाल के लिए इस्तेमाल करके बैंक के साथ धोखाधड़ी की थी।अमित थेपड़े ने अपने असली निवेशों को छिपाने और उन्हें वैध दिखाने के लिए आपराधिक रूप से प्राप्त धन की परतें बनाकर एक जटिल वित्तीय नेटवर्क तैयार किया था।
ईडी का मानना है कि लंबी गुप्त जाँच, निगरानी और फोरेंसिक वित्तीय विश्लेषण के बाद, उसके कई संदिग्ध लेन-देन उजागर हुए। तो, अब इस मामले में और क्या सामने आता है? यह देखना महत्वपूर्ण होगा।


