मुंबई वार्ता संवाददाता

महाराष्ट्र के इलेक्ट्रॉनिक्स, सूचना प्रौद्योगिकी एवं कृत्रिम बुद्धिमत्ता तथा सांस्कृतिक कार्य मंत्री और मुंबई शहर के पालकमंत्री आशिष शेलार ने मुंबई महानगर क्षेत्र में अत्याधुनिक रजिस्टर्ड व्हीकल स्क्रैपिंग फैसिलिटी (RVSF) स्थापित करने के लिए तत्काल कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। इस पहल का उद्देश्य शहर में यातायात जाम कम करना, सड़कों पर खड़े कबाड़ और लावारिस वाहनों का वैज्ञानिक तरीके से निस्तारण करना तथा राष्ट्रीय वाहन स्क्रैपिंग नीति का प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित करना है।


सह्याद्री अतिथिगृह में आयोजित समीक्षा बैठक में मुख्य सचिव राजेश अग्रवाल, मुंबई महानगरपालिका आयुक्त अश्विनी भिडे, मुंबई शहर की जिलाधिकारी आंचल गोयल, मुंबई उपनगर के जिलाधिकारी सौरभ कटियार सहित परिवहन विभाग, आरटीओ और मुंबई ट्रैफिक पुलिस के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।
बैठक में बताया गया कि जालना, तळोजा, धाराशिव, पालघर, भिवंडी और खालापुर में वाहन स्क्रैपिंग केंद्र उपलब्ध हैं, लेकिन मुंबई में अभी तक कोई अधिकृत केंद्र नहीं है। मुंबई में लगभग 53 लाख वाहन पंजीकृत हैं, जिनमें करीब 15 लाख चारपहिया, 30 लाख से अधिक दोपहिया और 5 से 6 लाख व्यावसायिक वाहन शामिल हैं। देश में सबसे अधिक वाहन घनत्व होने के कारण शहर में ट्रैफिक जाम, पार्किंग की समस्या और सड़कों पर दबाव लगातार बढ़ रहा है।
राष्ट्रीय वाहन स्क्रैपिंग नीति के अनुसार 20 वर्ष से पुराने निजी वाहन और 15 वर्ष से पुराने व्यावसायिक वाहन, यदि फिटनेस परीक्षण में असफल होते हैं, तो उन्हें स्क्रैप के लिए पात्र माना जाता है। ऐसी स्थिति में वाहन मालिकों को कर में रियायत, पंजीकरण शुल्क में छूट तथा वाहन के मूल्य का 4 से 6 प्रतिशत तक स्क्रैप मूल्य देने का प्रावधान है।
मंत्री आशिष शेलार ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि मुंबई महानगरपालिका या राज्य सरकार की उपलब्ध लगभग 5 एकड़ भूमि पर पब्लिक-प्राइवेट पार्टनरशिप (PPP) मॉडल के तहत वाहन स्क्रैपिंग केंद्र स्थापित करने का प्रस्ताव तेजी से आगे बढ़ाया जाए। साथ ही इच्छुक उद्यमियों से एक्सप्रेशन ऑफ इंटरेस्ट (EOI) आमंत्रित करने, बीएमसी द्वारा निविदा प्रक्रिया शुरू करने तथा परिवहन विभाग, ट्रैफिक पुलिस और संबंधित एजेंसियों के बीच समन्वय स्थापित कर परियोजना को शीघ्र लागू करने के निर्देश भी दिए गए।


