मुंबई वार्ता संवाददाता

मुंबई में मराठी माध्यम के स्कूलों की स्थिति लगातार चिंताजनक होती जा रही है। ताज़ा आंकड़ों के अनुसार शहर में मराठी स्कूलों की संख्या में तेज़ गिरावट दर्ज की गई है और लगभग 57 मराठी स्कूल बंद होने की कगार पर पहुंच गए हैं।


छात्र संख्या में लगातार कमी, अभिभावकों का अंग्रेज़ी माध्यम की ओर झुकाव और बदलती शैक्षणिक प्राथमिकताएँ इसके प्रमुख कारण माने जा रहे हैं।शिक्षा विशेषज्ञों का कहना है कि मराठी भाषा और संस्कृति के संरक्षण के लिए मराठी माध्यम के स्कूलों को मज़बूत करना ज़रूरी है। यदि समय रहते ठोस कदम नहीं उठाए गए, तो आने वाले वर्षों में मराठी स्कूलों की संख्या और घट सकती है।
इस मुद्दे पर शिक्षण संस्थाओं, प्रशासन और समाज के सभी वर्गों को मिलकर समाधान निकालने की आवश्यकता है।मुंबई में मराठी स्कूलों की गिरती संख्या को लेकर गंभीर चिंता जताई गई है।


