मुंबई वार्ता संवाददाता

निर्माण स्थलों से लोहे की सरिया चोरी कर ट्रकों के जरिए ठिकाने लगाने वाले गिरोह का मुंबई पुलिस ने पर्दाफाश किया है। इस मामले में पुलिस ने पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों के पास से कुल 1 करोड़ 64 लाख 25 हजार 990 रुपये की संपत्ति जब्त की गई है। इसमें चोरी की गई लोहे की सरिया और वारदात में इस्तेमाल किए गए वाहन शामिल हैं।


पुलिस के अनुसार, निर्माण कार्यों में इस्तेमाल होने वाली लोहे की सरिया चोरी होने के मामलों की जांच के दौरान अपराध शाखा को जानकारी मिली थी कि कुछ लोग आपस में मिलीभगत कर ट्रकों के माध्यम से लोहे की सरिया चोरी कर रहे हैं। इस सूचना के आधार पर वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों के मार्गदर्शन में पुलिस की विशेष टीमें गठित कर आरोपियों को पकड़ने के लिए जाल बिछाया गया।
पुलिस को मिली जानकारी के अनुसार, 28 अक्टूबर 2026 की सुबह करीब 5:55 बजे घाटकोपर पूर्व में पूर्व द्रुतगति महामार्ग पर ठाणे से मुंबई की ओर जाने वाली सड़क के किनारे स्थित राजमार्ग सुविधा शौचालय के पास आरोपियों ने आपस में साजिश रचकर एक ट्रक से 38,380 किलोग्राम लोहे की सरिया चोरी की थी। इसकी कीमत लगभग 23 लाख 2 हजार 800 रुपये बताई गई है।
इसके अलावा, चुनाभट्टी स्थित जुनागणी इंडस्ट्रियल एस्टेट में भी आरोपियों ने इसी तरह की साजिश के तहत 1 लाख 4 हजार 750 किलोग्राम लोहे की सरिया चोरी की थी। इसकी कीमत 31 लाख 23 हजार 190 रुपये बताई गई है।
पुलिस ने चोरी की गई कुल 1 लाख 43 हजार 130 किलोग्राम लोहे की सरिया बरामद की है, जिसकी कुल कीमत 54 लाख 25 हजार 990 रुपये है।इस मामले में भारतीय न्याय संहिता 2023 की धारा 303 (2), 316 और 3 (5) के तहत पंतनगर पुलिस थाने में अपराध क्रमांक 1107/2026 दर्ज किया गया है। मामले की आगे की जांच अपराध शाखा की कक्ष-7 के माध्यम से की जा रही है।
पुलिस ने अब तक की कार्रवाई में चोरी की 54 लाख 25 हजार 990 रुपये की लोहे की सरिया के अलावा 1 करोड़ 10 लाख रुपये कीमत के तीन ट्रक और एक अशोक लेलैंड टेम्पो जब्त किया है। इस तरह जब्त की गई कुल संपत्ति का मूल्य 1 करोड़ 64 लाख 25 हजार 990 रुपये है।
इस कार्रवाई में कुल पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है।यह कार्रवाई पुलिस आयुक्त देवेन भारती, पुलिस सह आयुक्त (अपराध) अनिल कुंभारे, अतिरिक्त पुलिस आयुक्त (अपराध) कृष्णकांत उपाध्याय, पुलिस उपायुक्त (प्रकटीकरण-9) नवनाथ ढवले तथा सहायक पुलिस आयुक्त (डी-पूर्व) धर्मपाल बनसोडे के मार्गदर्शन में की गई।
कार्रवाई में अपराध शाखा कक्ष-7 के वरिष्ठ पुलिस निरीक्षक अनिल ढोले, पुलिस निरीक्षक प्रदीप सरफरे, सहायक पुलिस निरीक्षक धनाजी साठे, अफरोज शेख, महेश शेलार, पुलिस उपनिरीक्षक अजय गोल्हार, नामदेव परबळकर तथा कक्ष-7 के अन्य पुलिसकर्मियों की टीम शामिल थी।


