शेल्टर होम की वैकल्पिक व्यवस्था होने तक भटकते कुत्तों पर कार्रवाई न की जाए
मुंबई वार्ता संवाददाता

अदालत के आदेश के बाद मुंबई में भटकते कुत्तों पर अत्यंत जल्दबाज़ी में और अन्यायपूर्ण कार्रवाई की जा रही है। इसी के विरोध में आज शिवाजी पार्क परिसर में मुंबई यूथ कांग्रेस और पशुप्रेमी संगठनों की ओर से प्रदर्शन किया गया।


मुंबई यूथ कांग्रेस की अध्यक्ष ज़ीनत शबरीन के नेतृत्व में कांग्रेस पदाधिकारी और पशुप्रेमी संगठनों के कार्यकर्ताओं ने शिवाजी पार्क परिसर में भटकते कुत्तों के खिलाफ की जा रही कार्रवाई का तीव्र विरोध व्यक्त किया।


इस दौरान बोलते हुए ज़ीनत शबरीन ने कहा कि भटकते जानवर अपने लिए आवाज़ नहीं उठा सकते। उनके साथ क्रूरता करना उचित नहीं है। ज़िम्मेदार नागरिकों के रूप में मानवता, करुणा और न्याय के मूल्यों की रक्षा करना हमारी सामूहिक ज़िम्मेदारी है।भटकते कुत्तों को हटाने के संबंध में सर्वोच्च न्यायालय के आदेश का आधार लेकर मुंबई में कार्रवाई शुरू की गई है, लेकिन यह आदेश अत्यंत व्यापक है, और इसकी प्रभावी क्रियान्वयन के लिए उचित तंत्र, शेल्टर, चिकित्सा सुविधाएँ और ABC (Animal Birth Control) केंद्र स्थापित किए जाने चाहिए। किंतु वैकल्पिक व्यवस्था खड़ी किए बिना की जा रही कार्रवाई अमानवीय, अव्यवहारिक और अन्यायकारक है।


राहुल गांधी द्वारा वोट चोरी का मुद्दा उठाते ही इस तरह की कार्रवाइयों के माध्यम से महत्वपूर्ण मुद्दों से ध्यान भटकाने की कोशिश की जाती है। जैसे दादर में कबूतर खाने के मुद्दे पर वैकल्पिक व्यवस्था खोजी गई, वैसे ही भटकते कुत्तों के लिए भी सरकार को उचित विकल्प उपलब्ध कराना आवश्यक है। ये जानवर भी इस शहर का हिस्सा हैं; इन्हें भी जीने का अधिकार है। मुंबई यूथ कांग्रेस पशुप्रेमियों, पशु अधिकारों के लिए काम करने वाले संगठनों और संवेदनशील मुंबईकरों के साथ मज़बूती से खड़ी है, ऐसा शबरीन ने कहा।


