श्रीश उपाध्याय/मुंबई वार्ता

नागपाड़ा पुलिस ने महीनों चली जटिल जांच के बाद 16 वर्षीय नाबालिग लड़की से दुष्कर्म के आरोपी युवक को गोवा से गिरफ्तार कर लिया है। इस मामले की खास बात यह रही कि शुरुआत में पुलिस के पास आरोपी का सिर्फ पहला नाम — संजय (बदला हुआ नाम) — था। न तो उसकी कोई तस्वीर, न मोबाइल नंबर और न ही पता उपलब्ध था।


यह मामला सबसे पहले अगस्त में सामने आया था, जब मध्य प्रदेश में सरकारी रेलवे पुलिस (GRP) ने किशोरी को ढूंढ निकाला और मेडिकल जांच कराई। जांच में पता चला कि वह गर्भवती है। इसके बाद 3 अगस्त को पॉक्सो एक्ट के तहत मामला दर्ज कर केस को आगे की जांच के लिए मुंबई स्थानांतरित किया गया।
■ इंस्टाग्राम से मिला पहला अहम सुराग
मामले की जांच कर रहे उपनिरीक्षक ज्ञानेश्वर शेंदगे को एक नियमित पूछताछ के दौरान पहला ठोस सुराग मिला। एक व्यक्ति ने उन्हें आरोपी संजय का इंस्टाग्राम अकाउंट दिखाया, जिसमें उसकी तस्वीर मौजूद थी। हालांकि यह अकाउंट अप्रैल के बाद से सक्रिय नहीं था। मेटा (इंस्टाग्राम की पैरेंट कंपनी) से जुड़े मोबाइल नंबर की जानकारी मिली, लेकिन वह नंबर बंद था।


■ सोशल मीडिया लाइक से आरोपी तक पहुंची पुलिस
पुलिस ने गौर किया कि इंस्टाग्राम पर आरोपी की कुछ पोस्ट्स को एक अन्य नंबर से ‘लाइक’ किया गया था। शेंदगे और उनकी टीम ने उस नंबर पर आरोपी का दोस्त फहीम बनकर संपर्क किया। यह नंबर आरोपी के भाई अभय (बदला हुआ नाम) का निकला। अभय ने बताया कि कुछ महीने पहले संजय ने गोवा के एक नंबर से उसे कॉल किया था।इसके बाद पुलिस को एक और नंबर मिला, जिसका लोकेशन पहले मुंबई सेंट्रल और फिर गोवा में ट्रेस हुआ।
■ गोवा में छिपे होने की पुष्टि
जब पुलिस ने उस नंबर पर कॉल किया, तो एक बंगाली भाषी महिला ने फोन उठाया। उसने बताया कि एक युवक ने उसका फोन लेकर कॉल किया था और खुद को नौकरी की तलाश में बताया था। महिला और उसके पति उसे काम दिलाने के लिए गोवा ले गए, जहां वह एक रेस्टोरेंट में काम करने लगा।दंपती ने पुलिस को बताया कि आरोपी वहां चंदू नाम के वेटर से अक्सर बातचीत करता था।
■ भेष बदलकर की गई गिरफ्तारी
दिसंबर में पुलिस ने गोवा में आरोपी की सटीक लोकेशन का पता लगाया। एक पुलिसकर्मी ने संजय का दोस्त बनकर चंदू को कॉल किया। चंदू ने बताया कि संजय कमरे में आराम कर रहा है और उसने रेस्टोरेंट की लोकेशन भी भेज दी।इसके बाद पुलिसकर्मी दिहाड़ी मजदूरों के भेष में रेस्टोरेंट पहुंचे और मौके पर ही आरोपी को गिरफ्तार कर लिया।
■ पुलिस की सतर्कता से मिली सफलता
नागपाड़ा पुलिस ने बताया कि तकनीकी विश्लेषण, सोशल मीडिया निगरानी और जमीनी स्तर की खुफिया जानकारी के जरिए यह गिरफ्तारी संभव हो सकी। पुलिस अधिकारियों के अनुसार, यह मामला दर्शाता है कि सीमित जानकारी के बावजूद सुनियोजित जांच से गंभीर अपराधों के आरोपी तक पहुंचा जा सकता है।


