■ कांग्रेस प्रवक्ता राकेश शेट्टी की मांग.
मुंबई वार्ता संवाददाता

कांग्रेस प्रवक्ता राकेश शेट्टी ने शनिवार को मुलुंड पुलिस स्टेशन पहुंचकर 14 फरवरी 2026 को एलबीएस रोड, मुलुंड (पश्चिम) में हुए मेट्रो लाइन-4 पैरापेट गिरने के दर्दनाक हादसे में तत्काल और कड़ी कार्रवाई की मांग की। उन्होंने कहा कि यह घटना घोर लापरवाही का नतीजा है और इसमें केवल निचले स्तर के कर्मचारियों पर कार्रवाई पर्याप्त नहीं है।


इस हादसे में निर्दोष नागरिक रामधन यादव (लगभग 60 वर्ष, मूल निवासी जौनपुर, उत्तर प्रदेश) की मौत हो गई थी। वे अपने पोते की शादी की खरीदारी के लिए ऑटोरिक्शा से जा रहे थे। हादसे में ऑटोरिक्शा चालक राजकुमार इंद्रजीत यादव (45) गंभीर रूप से घायल होकर आईसीयू में भर्ती हैं, जबकि महेंद्र प्रताप यादव (52) और कार चालक दीपा रुहिया (40) भी गंभीर रूप से जख्मी हुए।
यह दुर्घटना दोपहर करीब 12:15 से 12:40 बजे के बीच निर्माणाधीन मेट्रो लाइन-4 वायाडक्ट के पियर P196 के पास, मुलुंड फायर स्टेशन के निकट हुई, जब कंक्रीट पैरापेट का हिस्सा वाहनों पर गिर पड़ा।


मुलुंड पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता की धाराओं 105, 110, 324(5) और 3(5) के तहत एफआईआर दर्ज कर अब तक पांच ऑपरेशनल कर्मचारियों को गिरफ्तार किया है। इनमें मिलन रोड बिल्टेक एलएलपी (राज वी-मिलन इंफ्रा के तहत सब-कॉन्ट्रैक्टर) के प्रोजेक्ट डायरेक्टर, प्रोजेक्ट मैनेजर, डिप्टी मैनेजर, सुपरवाइजर और कंसोर्टियम के एक सुपरवाइजरी कंसल्टेंट शामिल हैं। इसके साथ ही एमएमआरडीए ने ठेकेदार पर 5 करोड़ रुपये और कंसल्टेंट पर 1 करोड़ रुपये, कुल 6 करोड़ रुपये का जुर्माना लगाया है।
हालांकि, राकेश शेट्टी ने इसे नाकाफी बताते हुए कहा कि असली जिम्मेदारी कंपनी के वरिष्ठ निदेशकों, भागीदारों और तकनीकी प्रमुखों की है। उन्होंने मांग की कि मिलन रोड बिल्टेक एलएलपी के निदेशक/नामित भागीदार अल्पेश गिरिश पटेल, मितेश सुरेश पटेल, भवेश चंदुभाई पटेल, कंपनी से जुड़े अमरीश कुमार रावल और वरिष्ठ तकनीकी निदेशक गणेश घोलप को मौजूदा एफआईआर में आरोपी बनाया जाए, गहन जांच कर उचित धाराओं में उनकी गिरफ्तारी की जाए।
कांग्रेस प्रवक्ता राकेश शेट्टी ने कहा कि कंपनी के शीर्ष अधिकारी कंपनी के नाम की आड़ में जिम्मेदारी से बच नहीं सकते। शोकसंतप्त यादव परिवार और मुलुंडवासियों को वरिष्ठ स्तर पर व्यक्तिगत जवाबदेही चाहिए। उन्होंने पुलिस से जांच तेज करने, एफआईआर में नाम जोड़ने, गिरफ्तारी वारंट जारी करने और निष्पक्ष कार्रवाई का आग्रह किया।
कांग्रेस पार्टी ने पीड़ित परिवार के साथ मजबूती से खड़े रहने की बात दोहराते हुए उचित मुआवजा, सरकारी नौकरी और पूर्ण जवाबदेही की मांग की है और स्पष्ट किया है कि इस मुद्दे को हर स्तर पर उठाया जाएगा।


