मुंबई वार्ता संवाददाता

मुंबई के भायखला क्षेत्र में मुहर्रम जुलूस के दौरान कथित रूप से जहरीले कैप्सूल बांटने के मामले की जांच में बड़ा खुलासा हुआ है। मुंबई पुलिस ने मंगलवार को स्पष्ट किया कि आरोपी फैयाज प्रेमजी (39) के किसी भी आतंकी संगठन या आतंकवादी साजिश से जुड़े होने के कोई सबूत नहीं मिले हैं। हालांकि पुलिस का मानना है कि आरोपी समाज के प्रति गहरी नाराजगी और व्यक्तिगत प्रतिशोध की भावना से प्रेरित होकर इस घटना को अंजाम देना चाहता था।


बीबीए स्नातक फैयाज प्रेमजी पर आरोप है कि उसने भायखला के रहमताबाद कब्रिस्तान (रे रोड) और भायखला ईस्ट कब्रिस्तान के आसपास मुहर्रम जुलूस के दौरान करीब 30,000 कैप्सूल वितरित किए, जिनमें जिंक फॉस्फाइड नामक जहरीला रसायन मिला हुआ था।
पुलिस के अनुसार, इन कैप्सूलों का सेवन करने के बाद दो लोगों की तबीयत बिगड़ गई और उनका इलाज जारी है।
■ पूछताछ में क्या बताया आरोपी ने?
पुलिस पूछताछ में फैयाज प्रेमजी ने कथित तौर पर बताया कि वह पूरी दुनिया को अपना दुश्मन मानता था। उसने यह भी स्वीकार किया कि उसे इन कैप्सूलों के खतरनाक दुष्प्रभावों की जानकारी थी और उसने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) टूल्स की मदद से जहरीले रसायनों के बारे में जानकारी जुटाई थी।
प्रारंभिक जांच में पुलिस को पता चला है कि आरोपी लंबे समय से व्यक्तिगत परेशानियों और समाज के प्रति गुस्से से ग्रस्त था तथा कथित तौर पर समाज से बदला लेना चाहता था।
■ दर्द निवारक बताकर बांटे थे कैप्सूल
जांच में सामने आया है कि आरोपी ने डोंगरी से लेकर हैनकॉक ब्रिज होते हुए रे रोड स्थित रहमताबाद कब्रिस्तान तक मुहर्रम जुलूस के मार्ग पर लोगों को यह कहकर कैप्सूल बांटे कि ये ‘दर्द निवारक दवा’ हैं, जिन्हें क़मा (Qama) की रस्म निभाने वाले लोगों को राहत मिलेगी।
■ एक युवक की तबीयत बिगड़ने के बाद हुआ खुलासा
मामले का खुलासा तब हुआ जब गोवंडी के शिवाजी नगर निवासी 26 वर्षीय सलमान मोहम्मद इस्लाम सैयद ने कथित रूप से एक कैप्सूल का सेवन किया। इसके बाद उन्हें तेज पेट दर्द, मतली और उल्टी की शिकायत हुई। उन्हें तत्काल डोंगरी स्थित हबीब अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उनका उपचार जारी है।
■ मोबाइल फॉरेंसिक जांच के लिए भेजा गया
पुलिस ने आरोपी के परिजनों के बयान दर्ज कर लिए हैं और उसके मोबाइल फोन को फॉरेंसिक जांच के लिए भेज दिया है। साथ ही उसकी ऑनलाइन गतिविधियों और मानसिक स्वास्थ्य की भी जांच की जा रही है।
गिरफ्तारी के बाद आरोपी को मुंबई की अदालत में पेश किया गया, जहां से उसे दो दिन की पुलिस हिरासत में भेज दिया गया। पुलिस मामले की सभी पहलुओं से गहन जांच कर रही है।


