मुंबई वार्ता संवाददाता

भाजपा के प्रदेश मुख्य प्रवक्ता नवनाथ बन ने शिवसेना (यूबीटी) नेता संजय राउत पर किसानों और मराठवाड़ा के मुद्दे पर राजनीति करने का आरोप लगाते हुए तीखा हमला बोला है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने महाराष्ट्र के किसानों के लिए कर्जमाफी की घोषणा की है और सूखे जैसी स्थिति वाले क्षेत्रों में भी सरकार किसानों के साथ मजबूती से खड़ी है। इसके विपरीत, उद्धव ठाकरे के मुख्यमंत्री रहते किसानों को घोषित सहायता का लाभ नहीं मिला।


नवनाथ बन ने कहा कि उद्धव ठाकरे के मुख्यमंत्री रहते बांध पर जाकर किसानों को 50 हजार रुपये देने की घोषणा की गई थी, लेकिन किसानों को फूटी कौड़ी तक नहीं मिली। उन्होंने दावा किया कि किसानों ने यह बात संजय राउत को सीधे उनके सामने बताई थी। बन ने आरोप लगाया कि राउत को किसानों और मराठवाड़ा से कोई वास्तविक सरोकार नहीं है और 17 सितंबर नजदीक आते ही मराठवाड़ा जाकर राजनीतिक नौटंकी करना उनकी पुरानी आदत है।
■ ईडी को लेकर राउत और रोहित पवार पर निशाना
नवनाथ बन ने प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) में भर्ती को लेकर संजय राउत और रोहित पवार की टिप्पणियों पर भी सवाल उठाए। उन्होंने पूछा कि यदि ईडी अधिकारियों की भर्ती हो रही है तो दोनों नेताओं को इससे परेशानी क्यों हो रही है। उन्होंने रोहित पवार से सवाल किया कि क्या उन्हें डर है कि नई भर्ती के बाद ईडी उनके बारामती एग्रो के खिलाफ कार्रवाई करेगी।
बन ने आरोप लगाया कि पत्राचाल मामले में संजय राउत ने हजारों करोड़ रुपये की लूट की है और इसी कारण उन्हें दोबारा आर्थर रोड जेल जाने का डर है। उन्होंने कहा कि ईडी गलत काम करने वालों के खिलाफ कार्रवाई करती है। यदि रोहित पवार ने कुछ गलत नहीं किया है तो उन्हें ईडी की भर्ती के विज्ञापन से डरने की जरूरत नहीं है।
■ महाविकास आघाड़ी सरकार के दौरान हुई जांचों पर सवाल
भाजपा नेता ने महाविकास आघाड़ी सरकार के कार्यकाल के दौरान गठित विभिन्न जांच समितियों को लेकर भी राउत पर निशाना साधा। उन्होंने साधु हत्याकांड के लिए गठित एसआईटी, पत्रकारों की गिरफ्तारी से जुड़ी जांच और उद्योगपति मुकेश अंबानी के घर के बाहर विस्फोटक मिलने के मामले की जांच का हवाला देते हुए पूछा कि इन मामलों में जांच का क्या हुआ।
बन ने कहा कि भाजपा और महायुति सरकार के कार्यकाल में किसी को संरक्षण नहीं दिया जाता और दोषी पाए जाने वालों के खिलाफ कार्रवाई की जाती है। उन्होंने पेपर लीक मामले में हुई कार्रवाई का भी उल्लेख किया। साथ ही उद्धव ठाकरे के उस कथित बयान पर निशाना साधा, जिसमें उन्होंने सचिन वाझे को लेकर सवाल उठाया था।
बन ने व्यंग्य करते हुए कहा कि संजय राउत को एसआईटी नहीं, बल्कि केवल ‘एसआईपी’ यानी सिस्टेमैटिक इन्वेस्टमेंट प्लान समझ आता है और आरोप लगाया कि उनके पास बड़ी मात्रा में काला धन आया है।
■ बीएमसी बर्खास्त करने की मांग पर भी राउत को घेरा
मुंबई महापालिका को बर्खास्त करने और दोबारा उद्धव ठाकरे गुट की सत्ता आने की कथित इच्छा को लेकर भी नवनाथ बन ने संजय राउत पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि राउत की इच्छा चाहे कितनी भी बड़ी क्यों न हो, मुंबईकरों ने उन्हें पूरी तरह नकारते हुए महायुति को चुना है। इसलिए अब वे सपने में भी मुंबई महापालिका को बर्खास्त नहीं कर सकते।
उन्होंने कहा कि भाजपा, महायुति और शिवसेना मुंबईकरों के साथ मजबूती से खड़े हैं। महापालिका मुंबईकरों की सेवा के लिए काम करती है, न कि किसी का ‘घर भरने’ के लिए।
आदित्य और अमित ठाकरे पर महाराष्ट्र गीत के अपमान का आरोप
नवनाथ बन ने लालबाग में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान महाराष्ट्र गीत शुरू होने के समय आदित्य ठाकरे और अमित ठाकरे के कथित तौर पर आपस में बातचीत करने को लेकर भी हमला बोला। उन्होंने कहा कि इस घटना से एक बार फिर कथित तौर पर साबित होता है कि उनका मराठी प्रेम और महाराष्ट्र प्रेम केवल दिखावा है।
उन्होंने आरोप लगाया कि महाराष्ट्र की अस्मिता के प्रतीक महाराष्ट्र गीत का दोनों ने अपमान किया। बन ने कहा कि बालासाहेब ठाकरे ने महाराष्ट्र के स्वाभिमान और सम्मान के लिए खड़े होने की सीख दी थी, लेकिन आज आदित्य ठाकरे और अमित ठाकरे महाराष्ट्र के स्वाभिमान और सम्मान के लिए खड़े तक नहीं हो सकते। उनके अनुसार, ठाकरे परिवार का महाराष्ट्र प्रेम केवल वोट और राजनीति तक सीमित रह गया है।


