मुंबई वार्ता संवाददाता

राज्य में पिछले तीन दिनों से हो रही भारी बारिश में अब तक २१ लोगों की मौत हो चुकी है और १० लोग घायल हुए हैं। भारी बारिश के कारण लगभग डेढ़ हज़ार नागरिकों को सुरक्षित स्थानों पर पहुँचाया गया है और लगभग १४ लाख एकड़ कृषि भूमि को नुकसान पहुँचा है।


पिछले तीन दिनों से हो रही भारी बारिश में २१ लोगों की मौत हो गई है और १० अन्य घायल हुए हैं। ये मौतें बाढ़ के पानी में बह जाने, भूस्खलन या घरों के ढहने से हुई दुर्घटनाओं के कारण हुई हैं। बाढ़ के कारण लगभग १,५०० लोग विस्थापित हुए हैं, जिनमें से ६१० ठाणे जिले में और ५०० पालघर में हैं। पालघर के मोरी गाँव में बाढ़ के पानी में फंसे लोगों को बचाने के लिए राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया बल (एनडीआरएफ) की एक टीम भेजी गई है और स्थानीय और दमकल कर्मियों की मदद से लगभग १२० लोगों को सुरक्षित स्थान पर पहुँचाया गया है।


इसी तरह, सावंतपाड़ा से ४४ नागरिकों को सुरक्षित निकाल लिया गया है और घटनास्थल पर बचाव अभियान जारी है। रत्नागिरी जिले में जगबुड़ी नदी खतरे के निशान को पार कर गई है। इसी तरह, वशिष्ठी, शास्त्री, काजली, कोडावली और बावंडी नदियाँ चेतावनी के स्तर को पार कर गई हैं। रायगढ़ जिले में अंबा नदी खतरे के स्तर को पार कर गई है। इसके अलावा, सावित्री और कुंडलिका नदियाँ चेतावनी के स्तर को पार कर गई हैं।
ठाणे जिले में, उल्हास नदी जम्बुलपाड़ा और बदलापुर में चेतावनी के स्तर को पार कर गई है और जिला प्रशासन को सतर्क रहने की सलाह दी गई है। नांदेड़ जिले के मुखेड़ में अब तक 293 नागरिकों को सुरक्षित स्थानों पर पहुँचाया गया है।


