श्रीश उपाध्याय/मुंबई वार्ता

महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना प्रमुख राज ठाकरे का आज गोरेगांव में दीपावली मिलन के बहाने कार्यकर्ता मिलन समारोह आयोजित हुआ। कार्यक्रम के दौरान अपने तेज तर्रार भाषण के लिए मशहूर राज ठाकरे का भाषण दीपावली के ‘फुस्की बॉम’ जैसा प्रतीत हुआ।


अपने भाषण के दौरान राज ठाकरे ने फर्जी मतदाताओं की सूची, अडानी-अम्बानी पर घिसे-पिटे कटाक्ष के साथ इलेक्ट्रोलर मतदान के खिलाफ बोलते हुए किसी खबरी चैनल के एंकर जैसे नजर आ रहे थे।


राज ठाकरे ने मतदाता सूची ठीक किए बगैर चुनाव कराने पर अपनी शैली में सरकार को धमकाया और अगली लाइन में ही बोला कि- जब तक सभी राजनीतिक दल मतदाताओं की सूची को लेकर आश्वस्त नहीं हो जाते , सरकार को मतदान नहीं करवाना चाहिए।
पूरे भाषण के दौरान एक बात राज ठाकरे के भाषण से स्पष्ट दिखी कि वे चुनाव लड़ने से पहले ही हार चुके हैं। इसीलिए चुनाव प्रक्रिया पर पहले से आरोप लगाकर खुद की हार की जिम्मेदारी ढूंढ रहे थे।अपने भाषण में सर्व विपक्षी पक्षों की होने वाली प्रेस कांफ्रेंस की जानकारी भी देते नजर आए।
उनके भाषण में किसी भी प्रकार के राजकीय भ्रष्टाचार, बेरोजगारी, नागरिक समस्याओं का जिक्र नहीं हुआ। कुल मिला कर आगामी महानगर पालिका, नगरपालिका चुनावों में वे अपनी होने वाली हार का ठीकरा पहले से ही चुनाव प्रक्रिया पर फोड़ते नजर आए।


