मुंबई वार्ता/श्रीश उपाध्याय

मुंबई में फुटपाथों को अतिक्रमणमुक्त कर पैदल यात्रियों के लिए सुगम बनाने के उद्देश्य से चलाए जा रहे ‘पैदल यात्री प्रथम’ (Pedestrian First) अभियान के तहत बीएमसी आयुक्त अश्विनी भिडे ने सोमवार को मुंबई शहर के विभिन्न इलाकों का तीन घंटे से अधिक समय तक प्रत्यक्ष निरीक्षण किया। उन्होंने निर्देश दिया कि लाइसेंस में निर्धारित क्षेत्रफल से अधिक जगह घेरकर कारोबार करने वाले अधिकृत फेरीवालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाए।


आयुक्त भिडे ने कहा कि अधिकृत फेरीवालों को केवल लाइसेंस में निर्धारित स्थान और क्षेत्रफल में ही व्यवसाय करना चाहिए। निर्धारित सीमा से बाहर जाकर फुटपाथ या सार्वजनिक जगह पर अतिक्रमण करने की अनुमति नहीं दी जा सकती। उन्होंने लाइसेंसिंग विभाग को सभी लाइसेंसधारी फेरीवालों द्वारा वास्तविक रूप से इस्तेमाल किए जा रहे क्षेत्रफल का निरीक्षण करने और नियमों का उल्लंघन मिलने पर कार्रवाई करने के निर्देश दिए।


■ मुंबई शहर के कई इलाकों का निरीक्षण
आयुक्त ने ‘डी’ विभाग के नाना चौक, ग्रांट रोड रेलवे स्टेशन, नौशीर भरूचा क्रॉस लेन, नाना शंकरशेठ मार्ग (भाजी गली) और ताड़देव मार्ग का निरीक्षण किया।
इसके अलावा ‘ई’ विभाग के डॉ. आनंद राव नायर मार्ग, बा. य. ल. नायर अस्पताल परिसर, डॉ. बाबासाहेब आंबेडकर मार्ग, नाथ पै मार्ग और संत सावता मार्ग का जायजा लिया।
‘बी’ विभाग में लोकमान्य तिलक मार्ग, सिंदूर पुल परिसर, पुराना बंगालीपुरा गली, रघुनाथ महाराज स्ट्रीट और काजी सय्यद मार्ग, जबकि ‘सी’ विभाग में जगन्नाथ शंकरशेठ मार्ग, धोबी तलाव गली, महर्षि कर्वे मार्ग, मरीन लाइंस और चंदनवाड़ी परिसर का निरीक्षण किया गया।
‘ए’ विभाग में महात्मा ज्योतिबा फुले मंडई (क्रॉफर्ड मार्केट) और महानगरपालिका मार्ग सहित आसपास के फुटपाथों की स्थिति, मरम्मत और अन्य सुविधाओं की समीक्षा की गई।
■ फुटपाथों पर पेड़ों की जड़ों की सुरक्षा के निर्देश
आयुक्त भिडे ने कहा कि फुटपाथों को बाधामुक्त बनाने के लिए प्रशासन की कार्रवाई संतोषजनक है, लेकिन इसमें निरंतरता बनाए रखना जरूरी है। उन्होंने फुटपाथों के सुधार, सौंदर्यीकरण और सुरक्षा के लिए आवश्यक कदम उठाने के निर्देश दिए।
उन्होंने कहा कि फुटपाथों पर मौजूद सभी प्रकार के अवरोध हटाए जाएं, ताकि पैदल चलने वालों को आसानी हो और बदलाव नागरिकों को प्रत्यक्ष रूप से दिखाई दे। फुटपाथों पर मौजूद पेड़ों की जड़ों को सुरक्षित रखने के साथ ही उनकी शाखाओं की उचित तरीके से छंटाई की जाए। असुरक्षित पेड़ों को नियमों और वैज्ञानिक प्रक्रिया के अनुसार हटाया जाए।
■ फेरीवालों को भी दी गई स्पष्ट हिदायत
‘पैदल यात्री प्रथम’ अभियान के निरीक्षण के दौरान आयुक्त ने कुछ फेरीवालों के लाइसेंस प्रमाणपत्रों की भी जांच की। उन्होंने फेरीवालों और उनके संगठनों के प्रतिनिधियों को निर्देश दिया कि अधिकृत फेरीवाले फुटपाथ पर निर्धारित जगह में ही व्यवसाय करें और उनके कारोबार के कारण पैदल यात्रियों के आवागमन में किसी तरह की बाधा नहीं आनी चाहिए।
उन्होंने फेरीवालों को आसपास स्वच्छता बनाए रखने के निर्देश भी दिए। ग्रांट रोड रेलवे स्टेशन, जगन्नाथ शंकरशेठ मेट्रो स्टेशन और बा. य. ल. नायर अस्पताल परिसर में पैदल यात्रियों की आवाजाही आसान बनाने के लिए आवश्यक उपाय करने को कहा गया।
कचरा जमा होने वाले संवेदनशील स्थानों पर सीसीटीवी लगाने के निर्देश
आयुक्त भिडे ने ‘ई’ विभाग के सूखा कचरा संग्रह केंद्र, रे रोड स्थित ठोस कचरा प्रबंधन विभाग की चौकी और संत सावता मार्ग स्थित उदंचन केंद्र सहित बड़े पैमाने पर कचरा जमा होने वाले संवेदनशील स्थानों यानी Garbage Vulnerable Points (GVPs) का भी निरीक्षण किया।
उन्होंने निर्देश दिया कि ऐसे स्थानों पर प्रमुखता से ‘कचरा न डालें’ के सूचना बोर्ड लगाए जाएं। बार-बार कचरा फेंकने वालों पर निगरानी रखने और रोक लगाने के लिए तत्काल सीसीटीवी कैमरे लगाए जाएं। साथ ही इन स्थानों का सौंदर्यीकरण किया जाए।
सूखा कचरा वर्गीकरण केंद्रों की संरचना उचित रखने तथा वर्गीकृत कचरे के प्रकार की जानकारी संबंधित कचरे की थैली पर स्पष्ट रूप से अंकित करने के निर्देश भी उन्होंने दिए।
■ नागरिकों से सहयोग की अपील
आयुक्त अश्विनी भिडे ने नागरिकों से भी ‘पैदल यात्री प्रथम’ अभियान में सहयोग करने की अपील की। उन्होंने कहा कि फुटपाथों को बाधामुक्त रखने के लिए नागरिक फुटपाथ पर सामान न रखें और वहां वाहन खड़े न करें। साथ ही फुटपाथ, सड़क या किसी अन्य सार्वजनिक स्थान पर कचरा न फेंकें।
उन्होंने कहा कि प्रशासन की ओर से फुटपाथों को अतिक्रमणमुक्त करने और कचरा जमा होने वाले संवेदनशील स्थानों को खत्म करने के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। इन प्रयासों को सफल बनाने के लिए नागरिकों का सहयोग आवश्यक है।
निरीक्षण के दौरान उपायुक्त (परिमंडल-1) चंदा जाधव, उपायुक्त (आयुक्त कार्यालय) प्रशांत गायकवाड़ तथा डी, ई, बी, ए और सी विभागों के संबंधित सहायक आयुक्त और अधिकारी उपस्थित रहे।


