मुंबई वार्ता संवाददाता

पवित्र श्रावण मास के शुक्ल पक्ष की नागपंचमी के अवसर पर मुंबई के कुर्ला, चांदिवली और घाटकोपर में विभिन्न धार्मिक कार्यक्रमों का आयोजन किया गया। मंदिरों में विशेष पूजा-अर्चना, नागदेवता की आराधना और धार्मिक अनुष्ठान संपन्न हुए। इस दौरान मुंबई के अलग-अलग इलाकों से बड़ी संख्या में श्रद्धालु मंदिरों में पहुंचे और पूजा-अर्चना कर सुख-समृद्धि की कामना की।


■ चांदिवली में उमा महेश्वरी मंदिर में विशेष पूजा
चांदिवली के 90 फीट रोड स्थित प्रसिद्ध श्री क्षेत्र उमा महेश्वरी मंदिर देवस्थान में नागपंचमी के पावन अवसर पर विधि-विधानपूर्वक पूजा-अर्चना की गई। इस अवसर पर आरटीआई कार्यकर्ता अनिल गलगली ने पूजा में सहभाग लिया और भगवान के दर्शन किए।


मंदिर के मुख्य पुजारी श्रीनिवास उड्डपा एवं अन्य पुजारियों ने धार्मिक परंपराओं के अनुसार पूजा संपन्न कराई। बताया जाता है कि इस मंदिर की स्थापना स्वर्गीय बी. के. शीना और ललिता शीना ने की थी। वर्तमान में यह मंदिर क्षेत्र के श्रद्धालुओं के लिए आस्था और श्रद्धा का प्रमुख केंद्र बना हुआ है।
■ घाटकोपर में 39वीं नागपंचमी और अश्लेषा बाली उत्सव
वहीं घाटकोपर पश्चिम के असल्फा स्थित श्री क्षेत्र गीताम्बिका मंदिर में 39वां नागपंचमी एवं अश्लेषा बाली उत्सव श्रद्धापूर्वक मनाया गया। धार्मिक अनुष्ठान में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने हिस्सा लिया।
इस अवसर पर आरटीआई कार्यकर्ता अनिल गलगली, संस्था के अध्यक्ष सुरेश भंडारी, धर्मपाल कोटियान, सुरेश शेट्टी, विनोद प्रजापति, डॉ. दीप नारायण शुक्ला और चंद्रेश दुबे सहित अनेक गणमान्य लोग उपस्थित रहे। मुंबई के विभिन्न हिस्सों से पहुंचे श्रद्धालुओं ने मंदिर में पूजा-अर्चना कर धार्मिक अनुष्ठानों में सहभाग लिया।
■ कुर्ला में लगातार 20वें वर्ष कालसर्प दोष एवं ग्रह शांति यज्ञ
नागपंचमी के अवसर पर कुर्ला पश्चिम के मसरानी लेन स्थित विश्वकर्मा मंडल में माँ सावित्री ज्योतिष अनुसंधान केंद्र, मुंबई (रजि.) की ओर से लगातार 20वें वर्ष कालसर्प दोष एवं ग्रह शांति यज्ञ का आयोजन किया गया।
काशी के सुप्रसिद्ध ज्योतिर्विद डॉ. बालकृष्ण मिश्र विद्यावारिधि (पीएचडी) के निर्देशन में यह धार्मिक अनुष्ठान संपन्न हुआ। यज्ञ में श्रद्धालुओं ने भाग लेकर धार्मिक विधियों के अनुसार पूजा-अर्चना की और ग्रह शांति एवं सुख-समृद्धि की कामना की।
इस अवसर पर अनिल गलगली, नारायण पुजारी और पद्माकर हबीब सहित अन्य श्रद्धालु उपस्थित रहे। तीनों क्षेत्रों में आयोजित धार्मिक कार्यक्रमों के दौरान भक्तिमय वातावरण बना रहा और मंदिरों में श्रद्धालुओं की काफी भीड़ देखने को मिली।


