MMRDA इंजीनियरिंग भर्ती परीक्षा में घोटाले का आरोप, हाईकोर्ट की निगरानी में जांच की मांग।

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मुंबई वार्ता संवाददाता

महाराष्ट्र प्रदेश कांग्रेस कमेटी के महासचिव धनंजय शिंदे ने MMRDA की इंजीनियरिंग भर्ती परीक्षा के परिणाम और मेरिट सूची पर गंभीर सवाल उठाते हुए पूरे मामले की उच्च न्यायालय की निगरानी में गहन जांच कराने की मांग की है। उन्होंने परीक्षा को रद्द कर दोबारा ऑफलाइन परीक्षा आयोजित करने की भी मांग की।


टिळक भवन में आयोजित पत्रकार वार्ता में धनंजय शिंदे ने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार के कार्यकाल में प्रतियोगी परीक्षाओं में पेपर लीक और अनियमितताओं की घटनाएं लगातार सामने आ रही हैं। उन्होंने कहा कि NEET और TET के बाद अब MMRDA की इंजीनियरिंग भर्ती परीक्षा के परिणाम को लेकर भी विद्यार्थियों में असंतोष और संदेह पैदा हुआ है। MMRDA ने 235 पदों के लिए यह परीक्षा आयोजित की थी और इसका परिणाम एवं मेरिट सूची 14 अगस्त 2026 को घोषित की गई।


शिंदे के अनुसार, मेरिट सूची में 200 में से 190 से अधिक अंक हासिल करने वाले अभ्यर्थियों के परिणामों का प्रारंभिक अध्ययन करने पर कई सवाल सामने आए हैं। उनका दावा है कि मेरिट सूची में पहले, दूसरे और तीसरे स्थान पर रहने वाले अभ्यर्थी एक ही परीक्षा केंद्र से हैं। इसी तरह चौथे, पांचवें और छठे स्थान के अभ्यर्थी भी एक ही केंद्र से बताए जा रहे हैं। सातवें, आठवें और नौवें तथा 10वें, 11वें और 14वें-15वें स्थान पर रहने वाले अभ्यर्थियों के भी एक ही केंद्र से परीक्षा देने का दावा किया गया है।


कांग्रेस नेता ने यह भी दावा किया कि मेरिट सूची में शामिल कुछ अभ्यर्थियों का प्रदर्शन अन्य इंजीनियरिंग भर्ती परीक्षाओं में काफी कमजोर रहा है। उनके मुताबिक, कुछ अभ्यर्थियों को अन्य परीक्षाओं में 100 में केवल 7.5, 10 या 15 अंक मिले, जबकि MMRDA की परीक्षा में इन्हीं अभ्यर्थियों ने 197 और 198 जैसे असाधारण अंक हासिल किए हैं। उन्होंने इन अंतर को जांच का विषय बताया है।


धनंजय शिंदे ने कुछ शीर्ष अभ्यर्थियों के पारिवारिक संबंधों को लेकर भी आरोप लगाए और कहा कि उनके पिता नगर विकास विभाग में वरिष्ठ पदों पर कार्यरत हैं। हालांकि, इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। उन्होंने कहा कि इन सभी तथ्यों की निष्पक्ष और गहन जांच जरूरी है।


शिंदे ने मांग की कि पूरे मामले की हाईकोर्ट की निगरानी में जांच कराई जाए और यदि अनियमितताएं साबित होती हैं तो MMRDA की परीक्षा रद्द कर नए सिरे से परीक्षा आयोजित की जाए। उन्होंने भविष्य में सभी ऐसी भर्ती परीक्षाएं ऑफलाइन कराने की भी मांग की।


उन्होंने कहा कि कांग्रेस विद्यार्थियों के साथ मजबूती से खड़ी है और परीक्षा में कथित अनियमितताओं को लेकर MMRDA से जवाब मांगा जाएगा।
धनंजय शिंदे ने मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस, उपमुख्यमंत्री एवं MMRDA के अध्यक्ष एकनाथ शिंदे तथा MMRDA के महानगर आयुक्त संजय मुखर्जी से कथित परीक्षा घोटाले पर स्पष्टीकरण देने की मांग की। साथ ही उन्होंने संजय मुखर्जी के महानगर आयुक्त पद पर कार्यकाल को लेकर भी सवाल उठाते हुए कहा कि तीन वर्ष की अवधि पूरी होने के बावजूद वे पद पर कैसे बने हुए हैं, इसका भी खुलासा किया जाना चाहिए।


नोट: मेरिट सूची, परीक्षा केंद्रों, अभ्यर्थियों के पूर्व परीक्षा परिणाम और पारिवारिक संबंधों को लेकर लगाए गए आरोप कांग्रेस नेता धनंजय शिंदे के दावों पर आधारित हैं। इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि और संबंधित अधिकारियों का पक्ष इस खबर में उपलब्ध नहीं है।

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