मुंबई वार्ता संवाददाता

कांग्रेस सांसद वर्षा गायकवाड़ ने लोकसभा में किसानों से जुड़े कई अहम मुद्दे उठाते हुए केंद्र की मोदी सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार ने किसानों की आय दोगुनी करने, फसलों का डेढ़ गुना समर्थन मूल्य देने और किसान आत्महत्याएं रोकने के जो वादे किए थे, वे 12 साल बाद भी पूरे नहीं हुए। उन्होंने कहा कि किसान आज भी प्राकृतिक और सरकारी दोनों तरह की चुनौतियों से जूझ रहा है, जबकि सरकार की अधिकांश योजनाएं केवल कागजों तक सीमित हैं।


गायकवाड़ ने महाराष्ट्र के प्रसिद्ध हापुस (अल्फांसो) आम के निर्यात में आई गिरावट का मुद्दा भी संसद में उठाया। उन्होंने कहा कि 2026 में प्रतिकूल मौसम, आयातक देशों की सख्त शर्तों और बढ़ती लॉजिस्टिक लागत के कारण कोंकण के आम उत्पादकों को भारी नुकसान हुआ है। उन्होंने सरकार से पूछा कि निर्यात बढ़ाने और किसानों को राहत देने के लिए क्या कदम उठाए गए हैं।
सरकार ने जवाब में बताया कि असामान्य गर्मी, अनियमित मौसम और भू-राजनीतिक परिस्थितियों के कारण आम के उत्पादन और निर्यात पर असर पड़ा है। हालांकि, हापुस आम को वैश्विक बाजार में बढ़ावा देने के लिए 15 से अधिक देशों में प्रचार अभियान चलाए गए हैं। साथ ही, हापुस आयात करने वाले देशों की संख्या 24 से बढ़कर 34 हो गई है और जापान को निर्यात दोबारा शुरू करने के प्रयास जारी हैं।
गायकवाड़ ने प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि (PM-KISAN) योजना के तहत महाराष्ट्र के लाभार्थियों और महिला किसानों की संख्या की भी जानकारी मांगी। सरकार ने बताया कि योजना की 23वीं किस्त के तहत देशभर में 9.44 करोड़ से अधिक किसानों को 18,895.10 करोड़ रुपये जारी किए गए हैं, जिसमें बड़ी संख्या में महिला किसान भी शामिल हैं।
उन्होंने संभावित ‘एल नीनो’ के प्रभाव को लेकर भी सरकार से सवाल किया। विशेष रूप से महाराष्ट्र के मराठवाड़ा और विदर्भ जैसे सूखा प्रभावित क्षेत्रों के लिए फसल बीमा, कृषि अनुदान और राहत योजनाओं की तैयारी पर जानकारी मांगी। सरकार ने जवाब दिया कि केंद्र और राज्य सरकारें मानसून की स्थिति और एल नीनो के संभावित प्रभाव पर लगातार निगरानी रख रही हैं।
इसके अलावा, वर्षा गायकवाड़ ने ‘भारत औद्योगिक विकास योजना (BHAVYA)’ के तहत मुंबई की औद्योगिक परियोजनाओं को शामिल किए जाने पर भी सवाल उठाया। सरकार ने बताया कि 33,660 करोड़ रुपये की इस योजना के तहत अभी तक पोर्टल पर कोई प्रस्ताव प्राप्त नहीं हुआ है और पात्र प्रस्तावों का मूल्यांकन निर्धारित दिशानिर्देशों के अनुसार किया जाएगा।


