■ मंत्री मंगलप्रभात लोढ़ा ने जनता से की अपील.
■ शताब्दी समारोह के अवसर पर कौशल विभाग द्वारा विभिन्न कार्यक्रम.
मुंबई वार्ता/सतीश सोनी

महान कवि और दार्शनिक बंकिम चंद्र चट्टोपाध्याय द्वारा 1875 में रचित भारत के राष्ट्रगान ‘वंदे मातरम’ के 7 नवंबर को 150 वर्ष पूरे होने पर कौशल विकास मंत्री श्री मंगलप्रभात लोढ़ा की संकल्पना के तहत विभिन्न कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। इसी के अनुरूप, वंदे मातरम गीत के शताब्दी समारोह के लिए लोगो डिज़ाइन प्रतियोगिता शुरू हो गई है।


‘वंदे मातरम’ गीत देशभक्ति और राष्ट्रीय अस्मिता का प्रतीक है और आज भी ‘वंदे मातरम’ सुनते ही भारतीयों के हृदय में देशभक्ति की ज्वाला प्रज्वलित हो जाती है। इस अवसर पर शताब्दी समारोह के अंतर्गत विभिन्न गतिविधियों का आयोजन किया जाएगा। मंत्री श्री. मंगलप्रभात लोढ़ा ने स्पष्ट किया है कि यह प्रतियोगिता इसलिए आयोजित की गई है ताकि इस महोत्सव का लोगो लोगों द्वारा बनाया जा सके।
वंदे मातरम गीत की एक ऐतिहासिक पृष्ठभूमि है और इस गीत में देशभक्ति जगाने की शक्ति है। भारत माता के इस राष्ट्रगान का महिमामंडन लोगों की सक्रिय भागीदारी से किया जाना चाहिए। इसलिए, हम अपने मित्रों, परिवार, संगठनों, स्कूलों और कॉलेजों के साथ-साथ सोशल मीडिया पर भी इस ऐतिहासिक महोत्सव को व्यापक स्वरूप देने का प्रयास कर रहे हैं।


मंत्री मंगलप्रभात लोढ़ा ने सभी से इस शताब्दी महोत्सव प्रतियोगिता में भाग लेने की अपील की है। इसमें भाग लेने के लिए आपको surl.lu/nmqcfx लिंक पर क्लिक करना होगा। आपको एक विशिष्ट क्यूआर कोड भी स्कैन करना होगा। प्रतियोगिता की अंतिम तिथि 10 सितंबर होगी।कौशल विकास मंत्री मंगलप्रभात लोढ़ा ने बताया कि राज्य के कौशल विश्वविद्यालयों, आचार्य चाणक्य कौशल विकास केंद्र, सरकारी और निजी औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थानों में ‘वंदे मातरम’ की 150वीं वर्षगांठ के अवसर पर विभिन्न कार्यक्रम आयोजित किए जाएँगे।
राज्य के प्रत्येक तालुका में 5,000 से अधिक देशभक्तों के साथ शताब्दी महोत्सव मनाया जाएगा और इसकी रूपरेखा जल्द ही घोषित की जाएगी। इस संबंध में 6 सरकारी और 7 गैर-सरकारी सदस्यों की एक समिति गठित की गई है। इसमें प्रतिष्ठित व्यक्तियों को शामिल किया गया है।


