श्रीश उपाध्याय/मुंबई वार्ता

वक़्फ बोर्ड में बदलाव का नया कानून पारित हुआ है। इस नए कानून के अनुसार वक़्फ बोर्ड में निम्नलिखित 10 बड़े बदलाव किए गए हैं:-


■ जिस व्यक्ति को इस्लाम धर्म में गए पांच साल नहीं हुए हैं, वह अब अपनी सम्पत्ति वक़्फ बोर्ड को दान नहीं कर सकता है। अर्थात नए नए मुसलमान बने लोग अब 5 वर्षो तक अपनी संपत्ति वक़्फ बोर्ड को दान नहीं कर सकेंगे।
■ कोई भी मुसलमान वहीं सम्पत्ति दान में दे सकेगा जो उसके नाम पर रजिस्टर होगी।
■ महिलाओं को भी अब वक़्फ की जमीन में उत्तराधिकारी माना जाएगा।
■ वक़्फ में दी गई जमीन का पूरा ब्यौरा छह महीने के अंदर पोर्टल पर देना अनिवार्य होगा।
■ जिन सरकारी सम्पत्तियों को वक़्फ बोर्ड अपनी सम्पत्ति बताता रहा है अब किसी भी सरकारी सम्पत्ति को वक़्फ की सम्पत्ति नहीं माना जाएगा।
■ केंद्रीय वक़्फ परिषद में दो गैर मुस्लिम और दो मुस्लिम महिलाओं को भी जगह दी जाएगी। इसके अलावा इस परिषद में नियुक्त किए गए सांसद और पूर्व न्यायाधीश का भी मुस्लिम होना जरूरी नहीं होगा।
■ दो मुस्लिम सम्प्रदायों के लिए अलग अलग वक़्फ बोर्ड बनाया जाएगा।
■ वक़्फ ट्रिब्यूनल के फैसले के खिलाफ अब कोई भी व्यक्ति 90 दिन में रेवेन्यू अदालत, सिविल अदालत और उच्च न्यायालय में अपील दायर कर सकता है। जो कि वक़्फ बोर्ड के मौजूदा कानून में नहीं था।
■ केंद्र और राज्य सरकार , वक़्फ बोर्ड के खातों को ऑडिट करवा सकते हैं। जिससे किसी भी प्रकार की बेईमानी को रोका जा सकेगा।
■ वक़्फ सरकार को कोई भी जानकारी देने से इंकार नहीं कर सकता है।


