मुंबई वार्ता संवाददाता

दिव्यांग, अनाथ और निराश्रित बच्चों के पुनर्वास के लिए अपना संपूर्ण जीवन समर्पित करने वाले वरिष्ठ समाजसेवक श्री शंकरबाबा पापलकर से मिलने का सौभाग्य प्राप्त हुआ। अमरावती जिले के परतवाड़ा स्थित वझ्झर में उन्होंने निराश्रित बच्चों के लिए एक आश्रम की स्थापना की है। वर्तमान में इस आश्रम में 123 अनाथ और मानसिक रूप से विकलांग बच्चे निवास कर रहे हैं। इस बात की जानकारी समाज सेवी मनोज नाथानी ने दी.
मनोज नाथानी ने कहा कि, “उनके अतुलनीय सामाजिक कार्य और ‘वझ्झर मॉडल’ के लिए उन्हें वर्ष 2024 में पद्मश्री पुरस्कार से सम्मानित किया गया।हमें गर्व है कि उन्हें कुर्ला में आयोजित 400वें नि:शुल्क चिकित्सा शिविर और माँ शीला क्लिनिक की 3 वर्ष की सफलता के उपलक्ष्य में शामिल होने का निमंत्रण देने का अवसर प्राप्त हुआ। उनकी उपस्थिति से यह कार्यक्रम और अधिक प्रेरणादायक बनेगा।”


