मुंबई वार्ता संवाददाता

महाराष्ट्र में महानगरपालिका चुनावों को लेकर सियासी माहौल चरम पर पहुंच गया है। आगामी 15 जनवरी को राज्य की 29 महानगरपालिकाओं में मतदान होना है, जबकि 16 जनवरी को मतगणना के बाद नतीजे सामने आएंगे। इस चुनावी जंग में सबसे अधिक निगाहें मुंबई महानगरपालिका पर टिकी हुई हैं, जहां सत्ता हासिल करने के लिए सभी प्रमुख राजनीतिक दल पूरी ताकत झोंक चुके हैं।
इसी क्रम में 11 जनवरी को शिवाजी पार्क में आयोजित ठाकरे बंधुओं की संयुक्त सभा के बाद, सोमवार को उसी मैदान पर महायुति की विशाल प्रत्युत्तर सभा हुई। इस जनसभा में मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस और उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे की मौजूदगी ने माहौल को और गरमा दिया।


शिवाजी पार्क मैदान में खचाखच भरे जनसैलाब के बीच मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस और उप मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने मंच से विरोधियों को ललकारा।सभा को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने उद्धव ठाकरे और राज ठाकरे पर तीखा हमला बोला। राज ठाकरे की शैली में बोलते हुए फडणवीस ने मंच से वीडियो दिखाए जिसमें उद्धव ठाकरे और राज ठाकरे पर तंज था। ठाकरे बंधुओं द्वारा अतीत में एक-दूसरे पर की गई कड़ी टिप्पणियों से जुड़े वीडियो चलाए गए।


इन वीडियो के माध्यम से फडणवीस ने ठाकरे बंधुओं की मौजूदा एकता पर सवाल उठाते हुए कहा कि जो नेता कल तक एक-दूसरे पर गंभीर आरोप लगाते रहे, वे आज सत्ता के लिए साथ खड़े दिखाई दे रहे हैं।मुंबई और मराठी अस्मिता पर स्पष्ट संदेशदेवेंद्र फडणवीस ने कहा कि यह चुनाव केवल नगरसेवक चुनने का नहीं है बल्कि मुंबई के भविष्य की दिशा तय करने का चुनाव है।
उन्होंने दो टूक शब्दों में कहा, ‘कितना भी कुछ हो जाए, मुंबई का महापौर मराठी ही होगा और कोई भी शक्ति मुंबई को महाराष्ट्र से अलग नहीं कर सकती।’स्वामी विवेकानंद जयंती का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि भगवा ध्वज भारतीय संस्कृति और विचारधारा का प्रतीक है, और महायुति उसी विचार के साथ मुंबई के विकास के लिए प्रतिबद्ध है।
महायुति की यह सभा मुंबई महानगरपालिका चुनाव से पहले एक बड़े शक्ति प्रदर्शन के रूप में देखी जा रही है। ठाकरे बंधुओं की सभा के जवाब में हुई इस जनसभा ने संकेत दे दिया है कि आने वाले दिनों में मुंबई की राजनीति और अधिक आक्रामक तथा रोचक होने वाली है।


