श्रीश उपाध्याय/मुंबई वार्ता

अवैध वन्यजीव तस्करी के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए वन विभाग ने संजय गांधी नेशनल पार्क (SGNP) के संरक्षित क्षेत्र में तेंदुए के शिकार के मामले का पर्दाफाश किया है। इस कार्रवाई में एक संगठित शिकारी गिरोह का खुलासा हुआ है, जो लंबे समय से सक्रिय बताया जा रहा है।


यह मामला उस समय सामने आया जब येऊर फॉरेस्ट रेंज में नियमित गश्त के दौरान वन अधिकारियों को एक वयस्क नर तेंदुए (L-30) की खाल और अन्य अंग बरामद हुए। जांच में सामने आया कि तेंदुए को बेहद सुनियोजित तरीके से मारकर उसकी खाल उतारी गई थी और उसके पंजे व दांत जैसे कीमती हिस्सों को अवैध बाजार में बेचने के लिए अलग किया गया था।


इस मामले में अब तक 6 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। पूछताछ में आरोपियों के तार पालघर जिला से जुड़े पाए गए हैं। अधिकारियों के अनुसार, आरोपियों ने पूछताछ में यह भी स्वीकार किया है कि वे क्षेत्र में कम से कम दो अन्य तेंदुओं के शिकार में भी शामिल रहे हैं।
फॉरेंसिक जांच में सामने आया है कि तेंदुए की खाल बहुत ही पेशेवर तरीके से उतारी गई थी, जिससे यह स्पष्ट होता है कि यह कोई सामान्य घटना नहीं बल्कि एक संगठित तस्करी नेटवर्क का हिस्सा है। हालांकि आरोपियों का दावा है कि तेंदुआ फंदे (snare trap) में फंसने से मरा, लेकिन शरीर पर फंदे के सामान्य निशान नहीं मिले हैं, जिससे मौत के कारणों की जांच जारी है।
वन्यजीव संरक्षण से जुड़े विशेषज्ञों ने इस घटना को गंभीर खतरे का संकेत बताया है, क्योंकि संजय गांधी नेशनल पार्क जैसे महानगर के बीच स्थित राष्ट्रीय उद्यान में इस तरह की घटना होना सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े करता है।
वन विभाग ने घटना के बाद येऊर और SGNP क्षेत्र में गश्त बढ़ा दी है, ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं को रोका जा सके और वन्यजीवों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।


