संस्था कार्यो को व्यापक रूप देने हेतु समस्त महाजन बनाएगी विभिन्न समितियां

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श्रीश उपाध्याय/मुंबई वार्ता

समस्त महाजन के ट्रस्ट डीड की धारा 15 के अनुसार, संस्था के कार्यों को व्यापक बनाने के लिए विभिन्न समितियों का गठन आवश्यक प्रतीत होता है।

आज की बैठक में सर्वसम्मति से यह निर्णय लिया जाता है कि स्थानीय, तालुका, जिला, राज्य, और अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर कुल पाँच समितियों का गठन किया जाएगा।समिति में कोई भी भारतीय नागरिक, जो आर्य संस्कार और संस्कृति के प्रति निष्ठावान हो, एक बार की प्रवेश शुल्क अदा कर सदस्यता प्राप्त कर सकेगा। यह प्रवेश शुल्क ट्रस्ट की आय मानी जाएगी और ट्रस्ट के हित में उपयोग की जाएगी।अतः आगे यह भी तय किया जाता है कि समिति के सदस्यों का चयन कैसे किया जाएगा, प्रवेश शुल्क कितनी होगी, उनके आचरण के नियम, और उनकी नियुक्ति संबंधी कार्यवाही आदि सभी सहायक नियमों को निर्धारित करने का अधिकार ट्रस्टी मण्डल और मैनेजिंग ट्रस्टी को दिया जाता है।

कमिटी की गतिविधियाँ – जिम्मेदारी, कर्तव्य और नियम निम्नलिखित होंगे :-

कमिटीविभिन्न स्तरों पर व्यापक कार्य करने के लिए स्थानीय – तालुका – जिला – राज्य – अंतरराष्ट्रीय स्तर की कुल पाँच कमिटियाँ बनाई जाएंगी।ii. कमिटी के प्रतिनिधि के लिए प्रवेश शुल्क

1. स्थानीय कमिटी प्रतिनिधि [SP] – ₹2000/- प्रवेश शुल्क

2. तालुका कमिटी प्रतिनिधि [TP] – ₹10000/- प्रवेश शुल्क

3. जिला कमिटी प्रतिनिधि [DP] – ₹25000/- प्रवेश शुल्क

4. राज्य कमिटी प्रतिनिधि [RP] – ₹1 लाख प्रवेश शुल्क 5. अंतरराष्ट्रीय कमिटी प्रतिनिधि [AP] – ₹10 लाख प्रवेश शुल्कiii. प्रवेश शुल्क की राशिप्रवेश शुल्क की राशि अलग बैंक खाते में रखी जाएगी। इस राशि और इसके ब्याज से समस्त महाजन संस्था के सभी प्रकार के प्रशासनिक खर्च, कार्यक्रम, कॉन्फ्रेंस आदि आयोजित किए जा सकेंगे। संस्था के लिए आवश्यक स्थायी संपत्ति भी इस राशि से खरीदी जा सकेगी।iv. नीतियों में परिवर्तननीतियों में बदलाव, संशोधन और अतिरिक्त नियम जोड़ने की शक्ति मैनेजिंग ट्रस्टी को होगी। सभी निर्णय लेने और रद्द करने का अधिकार भी मैनेजिंग ट्रस्टी के पास रहेगा.

विभिन्न कमिटी के प्रतिनिधियों की जिम्मेदारियाँ, कर्तव्य और नियम :-

भारत माता के राष्ट्रहित में कार्यरत रहना। • संस्कृति की सुरक्षा के लिए सजग रहना। •

अहिंसा के कार्यों में संलग्न रहना और हिंसा से जीवों को बचाना। •

भारत से जीवित पशु और मांस का निर्यात बंद कराना।

विश्व की पूरी जनसंख्या को शाकाहारी बनाने का प्रयास करना। •

सरकारी तंत्र, न्याय तंत्र, मीडिया और प्रशासन के साथ समन्वय करके हिंसा-मुक्त विश्व के लिए प्रयास करना। •

गौचर, तालाब और देशी वृक्षों के संरक्षण-संवर्धन में कार्यरत रहना। •

सर्वांगीण समाज विकास गतिविधियों में संलग्न रहना। • समाज के कमजोर और गरीब वर्ग को ऊपर उठाने के लिए हर संभव प्रयास करना। •

दिव्यांगों के लिए विशेष सहारा बनना। •

रासायनिक खाद और कीटनाशकों से मुक्त खेती को प्रोत्साहित करना और ऐसी वस्तुओं का ही उपयोग करना/करवाना। •

आयुर्वेद का प्रचार-प्रसार करना। •

मूल्यवर्धक शिक्षा व्यवस्था के लिए प्रयास करना। •

सर्वांगीण विकास के रोजगार-उन्मुख कार्यक्रम बनाना। • प्राकृतिक आपदाओं में पीड़ितों की सहायता करना। •

प्रतिनिधि सात प्रकार के व्यसन (धूम्रपान, शराब, ड्रग्स, जुआ, मांसाहार, दुराचार, चोरी) से दूर रहेगा। •

बीड़ी, सिगरेट, मावा, तंबाकू का सेवन नहीं करेगा। • अपनी क्षमता के अनुसार उच्च स्तर पर कार्यरत रहने के लिए आवश्यक शुल्क का भुगतान करेगा। •

संस्था की सभी समाजोपयोगी गतिविधियों को प्रचार-प्रसार में मदद करेगा, स्थानीय समाचार, टीवी और सोशल मीडिया के माध्यम से। •

संस्था की सभी योजनाओं के लिए आर्थिक सहायता, CSR फंड और FCRA प्राप्त करने में सहायता करेगा। • अपने मित्रमंडल को प्रतिनिधि बनाएगा। •

प्रतिनिधि बनाने या न बनाने और प्रतिनिधित्व समाप्त करने का अधिकार मैनेजिंग ट्रस्टी के पास रहेगा, किसी भी न्याय प्रणाली का इसमें हस्तक्षेप नहीं होगा। •

अश्लील सामग्री के सभी प्रकार के प्रचार-प्रसार पर प्रतिबंध लगाने के लिए प्रयासरत रहेगा। •

सत्यव्रत का पालन करेगा। •

अपने इष्टदेव की आराधना करेगा। •

सभी के साथ विवेकपूर्ण व्यवहार करेगा। •

संतों का सम्मान करेगा। •

मीठे और सौम्य शब्दों का उपयोग करेगा, क्रोध और कठोर भाषा से दूर रहेगा। •

न्याय-संपन्न वैभव रखेगा। •

अन्यायपूर्ण व्यवसायों से दूर रहेगा। •

संस्कृति की सुरक्षा के लिए सक्रिय भूमिका निभाएगा।

माता-पिता और बड़ों का आदर-सम्मान करेगा। •

दूसरों के अधिकारों का हनन नहीं करेगा। •

किसी भी वस्तु को खरीदते, बेचते या दान देते समय सामने वाले के माथे पर देशी कुमकुम का तिलक करेगा और भगवान की पूजा कराएगा। •

खर्च किए गए पैसे का उपयोग शराब, दुराचार या मांसाहार में नहीं जाएगा, इसका ध्यान रखेगा। •

अपने स्वास्थ्य का ध्यान रखेगा, योग करेगा और रोज 10,000 कदम चलेगा। •

सज्जनों को संगठित करेगा, उनकी संपत्ति और संतति में वृद्धि के लिए प्रयत्नशील रहेगा। •

प्राकृतिक खेती और देशी पशुओं का पालन करना उसकी जिम्मेदारी होगी। •

किसी भी अनुचित व्यवहार के सामने आने पर प्रतिनिधित्व रद्द करने का अधिकार ट्रस्टी मण्डल और मैनेजिंग ट्रस्टी के पास रहेगा।

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