मुंबई वार्ता/सतीश सोनी

सीजीएसटी एवं केंद्रीय उत्पाद शुल्क, ठाणे आयुक्तालय की कर चोरी निरोधक शाखा ने लगभग ₹47.32 करोड़ के फर्जी इनपुट टैक्स क्रेडिट (आईटीसी) से जुड़े एक बड़े फर्जी जीएसटी क्रेडिट धोखाधड़ी का भंडाफोड़ किया है।आंतरिक रूप से विकसित खुफिया जानकारी और उन्नत डेटा विश्लेषण उपकरणों का उपयोग करके इस मामले का पता लगाया गया है।


पता चला कि विवेक राजेश मौर्य द्वारा संचालित मेसर्स केएसएम एंटरप्राइजेज ने बिना किसी वास्तविक वस्तु या सेवा की आपूर्ति के धोखाधड़ी से आईटीसी का दावा किया और उसे आगे बढ़ाया। उनके आवास की तलाशी में कई बैंक पासबुक, चेकबुक, कई मोबाइल फोन और कई धोखाधड़ी करने वाली फर्मों से जुड़े दस्तावेज़ जैसे आपत्तिजनक सबूत बरामद हुए।
जांच के दौरान, विवेक मौर्य ने धोखाधड़ी का मास्टरमाइंड होने, कमीशन कमाने और अवैध आय से सीधे लाभ उठाने की बात स्वीकार की। परिणामस्वरूप, उन्हें 19 अगस्त 2025 को गिरफ्तार कर लिया गया और ठाणे के न्यायिक मजिस्ट्रेट के समक्ष पेश किया गया, जहाँ उन्हें 14 दिनों की न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया।
मामले में आगे की जाँच जारी है।सीजीएसटी ठाणे आयुक्तालय ने कर धोखाधड़ी के विरुद्ध अपने कड़े रुख की पुष्टि की है और जीएसटी चोरी में लिप्त व्यक्तियों और संस्थाओं के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई का आश्वासन दिया है।


