15 लाख रिश्वत लेते मुंबई अतिरिक्त सत्र न्यायालय का क्लर्क गिरफ्तार, न्यायाधीश फरार।

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श्रीश उपाध्याय/मुंबई वार्ता

मुंबई पुलिस के भ्रष्टाचार विरोधी विभाग ने मंगलवार को मझगाँव सत्र न्यायालय के एक क्लर्क को रू 15 लाख की रिश्वत लेते रंगे हाथ गिरफ्तार किया है। इसी मामले में अतिरिक्त सत्र न्यायालय का न्यायाधीश फरार हो गया है।

प्राप्त जानकारी के अनुसार शिकायतकर्ता के पत्नी के कंपनी की जमीन पर अवैध कब्जा वर्ष 2015 में हुआ था। वर्ष 2016 में इस अवैध कब्जे को हटाने संबंधित याचिका शिकायतकर्ता ने बॉम्बे उच्च न्यायालय में की थी। वर्ष 2024 में उच्च न्यायालय ने रू 10 करोड़ मूल्य से कम के सभी मामलों को मझगांव सत्र दीवानी न्यायालय में स्थानांतरित किया था। इसीलिए उक्त मामले की सुनवाई मझगांव सत्र न्यायालय के न्यायाधीश इजाजुद्दीन सलाउद्दीन काजी के समक्ष कोर्ट नंबर 14 में की जा रही थी।

इसी दौरान अदालत के क्लर्क चंद्रकांत वासुदेव ने शिकायतकर्ता से इस मामले का फैसला उनके हक में दिलाने के लिए रू 25 लाख रिश्वत मांगी। चंद्रकांत ने शिकायतकर्ता को बताया कि रू 10 लाख वह लेगा और 15 लाख रुपये न्यायाधीश काजी को देगा।

शिकायतकर्ता रिश्वत नहीं देना चाहता था इसीलिए उसने मुंबई पुलिस के भ्रष्टाचार विरोधी विभाग में शिकायत दर्ज करायी। इसी शिकायत के आधार पर पुलिस ने जाल बिछाया। 11 नवंबर को जब क्लर्क चंद्रकांत शिकायतकर्ता से रू 15 लाख स्वीकार कर रहा था उसी समय पुलिस ने उसे रंगे हाथों गिरफ्तार कर लिया। चंद्रकांत ने रिश्वत की रकम लेने के बाद न्यायाधीश काजी को फोन कर रिश्वत मिलने की जानकारी दी थी।

पुलिस ने अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश काजी के खिलाफ भी एफआईआर दर्ज किया है। क्लर्क चंद्रकांत की गिरफ्तारी के बाद न्यायाधीश काजी फरार हो गया है। पुलिस काजी की तलाश कर रही है।

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