- बीएमसी की 12,000 कर्मियों की टीम ने संभाली व्यवस्था
- 38,000 से अधिक गणेश प्रतिमाओं का विसर्जन
मुंबई (सं. भा.) मुंबई में गणेशोत्सव के डेढ़ दिवसीय गणपति विसर्जन का कार्यक्रम सफलतापूर्वक संपन्न हुआ। रविवार को मुंबई के विभिन्न हिस्सों में 38,000 से अधिक गणेश प्रतिमाओं का विसर्जन किया गया। इसमें 18,969 प्रतिमाओं का विसर्जन विशेष रूप से तैयार किए गए कृत्रिम तालाबों में किया गया। मुंबई महानगरपालिका (बीएमसी) ने इस विसर्जन को सुचारू और सुरक्षित तरीके से पूरा कराने के लिए 12,000 अधिकारी और कर्मचारियों की टीम तैनात की थी।
बीएमसी उपायुक्त प्रशांत सपकाले ने बताया कि इस वर्ष 69 प्राकृतिक और 204 कृत्रिम विसर्जन स्थल तैयार किए गए थे, जहां सुरक्षा और सुविधाओं के व्यापक इंतजाम किए गए। शहर के प्रमुख चौपाटियों पर लाइफगार्ड, मोटरबोट्स, और फ्लडलाइट्स के साथ अन्य सुरक्षा उपाय किए गए थे। रेत में वाहनों के फंसने की समस्या से बचने के लिए 478 स्टील प्लेट्स बिछाई गई थीं। इसके अलावा, छोटी प्रतिमाओं के लिए 43 जर्मन राफ्ट का इंतजाम भी किया गया।


भक्तों की सुरक्षा और सुविधाएं प्राथमिकता में
गणेश विसर्जन के दौरान बीएमसी ने न केवल सुरक्षा का ख्याल रखा, बल्कि स्वास्थ्य और स्वच्छता सेवाओं पर भी विशेष ध्यान दिया। 75 प्राथमिक चिकित्सा केंद्र, 67 एंबुलेंस और 127 मोबाइल शौचालयों की व्यवस्था की गई थी। इसके अलावा, निर्माल्य एकत्र करने के लिए 163 निर्माल्य कलश और 274 वाहनों का उपयोग किया गया ताकि भक्तों द्वारा चढ़ाए गए फूल और माला का सही तरीके से निस्तारण हो सके।
सावधानी के निर्देश
बीएमसी ने विसर्जन के दौरान समुद्र में ‘ब्लू जेलीफिश’ और ‘स्टिंग रे’ जैसी मछलियों से बचने की सलाह दी थी। समुद्र में बढ़ते ज्वार के समय को ध्यान में रखते हुए, भक्तों को गहरे पानी में जाने से मना किया गया था। बीएमसी ने सभी श्रद्धालुओं से अपील की थी कि वे अंधेरे और तैरने के लिए प्रतिबंधित क्षेत्रों में जाने से बचें और किसी भी आपात स्थिति में तुरंत फायर ब्रिगेड, पुलिस या लाइफगार्ड को सूचित करें।
इस सफल आयोजन के साथ, बीएमसी ने यह सुनिश्चित किया कि मुंबई के गणेश भक्त सुरक्षित और सुगम तरीके से अपने बाप्पा को विदाई दे सकें।


