- कहा वर्ना खड़ा करेंगे निर्दलीय उम्मीदवार
मुंबई (सं. भा.): महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव की हलचल जैसे जैसे बढ़ रही है, बोरीवली में स्थानीय उम्मीदवार दिए जाने का मुद्दा जोर पकड़ता जा रहा है। लोगों ने चेतावनी देते हुए कहा है कि अगर राजनीतिक पार्टियों ने इस बार बोरीवलीकरों पर बाहरी उम्मीदवार थोपने की कोशिश की तो इस बार मुंहतोड़ जवाब दिया जाएगा। फिर भी आगर पार्टी द्वारा मनमानी किया जाता है तो इस बार अपने बीच के किसी सक्षम व्यक्ति को निर्दलीय उम्मीदवार के तौर पर खड़ा करेंगे और उसे जितने की कोशिश करेंगे। अब बोरीवली के लोग बाहरी उम्मीदवार को सहन नही करेंगे।
बता दें कि इस से पहले बोरीवली के व्यापारियों ने स्थानीय उम्मीदवार की मांग उठाई है। अब कल गोराई के समाजसेवकों और वहां के रहिवासियों ने इसी मांग को लेकर अपनी आवाज उठाई है। इन लोगों में सामाजिक कार्यकर्ता अंकुर पाटणकर, नंदू नाईक, पंकज मेहता, ई. बी. मुल्ला, प्रवीण घोडी, सुशीला पटेल, वासंती राजपूत के अलावा बड़ी संख्या में स्थानीय लोग शामिल थे। संजय पाटणकर का कहना है कि भाजपा हो या कांग्रेस, दोनों ही पार्टियों ने लोकसभा और विधानसभा चुनाव में इस इलाके को बाहरी उम्मीदवार थोपने का काम किया है। कांग्रेस ने लोकसभा चुनाव में फ़िल्म एक्टर गोविंदा और संजय निरुपम जैसे बाहरी उम्मीदवार दिए। तो, भाजपा ने विनोद तावड़े और सुनील राणे को विधानसभा चुनाव में उम्मीदवार बनाया और अब लोकसभा चुनाव में पीयूष गोयल यहां से सांसद बने हैं। स्थानीय लोगों से इन नेताओं का जनसंपर्क न के बराबर है।

इन्हें इलाकों की समस्याओं की जानकारी तक रहती है। पंकज मेहता का कहना है कि हमें इस बार ऐसा उम्मीदवार चाहिए जिससे बोरीवली के लोग बेहिचक मिल सकें और जो हमारे सुख और दुख में काम आए। ई.बी. मुल्ला ने कहा कि इस बार हमें राजनेता नही विधायक के रूप में समाजसेवक चाहिए। जब इन लोगों से पूछा गया कि 2019 के विधानसभा चुनाव में भाजपा ने शिवड़ी में रहने वाले सुनील राणे को उम्मीदवारी दी , तब कांग्रेस ने एक स्थानीय कुमार शंकरराव खिल्लारे को उम्मीदवार बनाया था। उस वक्त आप लोगों ने राणे की जगह खिल्लारे को क्यों नही जिताया। तब इन लागों ने कहा कि 2019 के विधानसभा चुनाव में जो गलती बोरीवली के रहिवासियों से हुई है। उसी को इस बार सुधारने की कोशिश किया जा रहा है।


