मुंबई (सं. भा.) शहर में न सिर्फ आवारा कुत्तों की संख्या बढ़ी है बल्कि लोगों में उनके काटने के मामले भी बढ़े हैं। बढ़ रहे आवारा कुत्तों की संख्या को देखते हुए बीएमसी प्रशासन ने 28 सितंबर को विश्व रेबीज दिवस पर कुत्तों का एंटी रेबीज टीकाकरण अभियान चलाने का फैसला किया था। बीएमसी द्वारा चलाए जा रहे इस अभियान में लगभग 87 हजार कुत्तों को टीका लगाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। यह अभियान तब तक चलेगा जब तक सभी कुत्तों का टीकाकरण नहीं हो जाता। मार्च 2025 तक यह अभियान चलने की संभावना है। यह अभियान बीएमसी के सभी वार्डों में आयोजित किया जाएगा। टीकाकरण वाले कुत्तों के संबंध में जानकारी दर्ज करने के लिए इस वर्ष एक ऑनलाइन एप्लीकेशन तैयार किया गया है।

इस ऑनलाइन आवेदन में कुत्तों से संबंधित आंकड़े फोटो सहित उपलब्ध होंगे। कुत्ते के काटने से होने वाली घातक बीमारी रेबीज को रोकने और मुंबई को ‘रेबीज मुक्त’ बनाने के उद्देश्य से पूरे मुंबई महानगर में एंटी-रेबीज टीकाकरण की पहल शुरू की गई है। बीएमसी के पशु चिकित्सा स्वास्थ्य विभाग की ओर से यूथ ऑर्गनाइजेशन इन डिफेंस ऑफ एनिमल्स, यूनिवर्सल एनिमल वेलफेयर सोसाइटी और उत्कर्ष ग्लोबल फाउंडेशन के सहयोग से एक एंटी-रेबीज टीकाकरण अभियान चलाया जाएगा। पशु चिकित्सा स्वास्थ्य विभाग के महाप्रबंधक डॉ. कलीम पाशा पठान ने बताया कि 2014 के आंकड़ों के मुताबिक, मुंबई महानगरीय क्षेत्र में लगभग 87 हजार आवारा कुत्ते हैं।


