- नवरात्रि में धूमधाम से होती है पूजा और आरती
मुंबई (सं. भा.) मुंबई के कांदिवली स्थित चारकोप इलाके की आशापुरा सोसायटी में विराजमान आशापुरा माता का मंदिर सोसायटीवासियों की श्रद्धा और भक्ति का केंद्र है। इस मंदिर की प्राणप्रतिष्ठा सोसायटी के निर्माण के समय बिल्डर द्वारा की गई थी। तब से लेकर आज तक सोसायटी के सभी निवासी इस मंदिर में माता की पूजा-अर्चना करते आ रहे हैं और माता को जागृत मानते हैं।
सोसायटी के सेक्रेटरी शरद सावंत, अनिल कौशल और रचना सोनी के अनुसार, यह मंदिर सिर्फ सोसायटी का धार्मिक केंद्र नहीं है, बल्कि श्रद्धालुओं के लिए एक आस्था का प्रतीक बन चुका है। शरद सावंत के नेतृत्व में नवरात्रि के अवसर पर हर साल विशेष पूजा-अर्चना, नवदिनीय आरती और गरबा नृत्य का आयोजन बड़े धूमधाम से किया जाता है। सभी सोसायटीवासी मिलकर इस पर्व को एक परिवार की तरह मनाते हैं।

हर रोज सुबह-शाम सोसायटी के सदस्य आशापुरा माता की पूजा-अर्चना करते हैं, और नवरात्रि के समय विशेष आरती का आयोजन होता है। माताजी की महिमा इतनी है कि यहां आने वाले भक्तों की हर मनोकामना पूरी होती है।
शरद सावंत की कर्मठता और नेतृत्व क्षमता ने इस धार्मिक आयोजन को एक विशेष स्थान दिलाया है। उनकी समर्पण भावना और संगठन कुशलता के कारण सोसायटी में आशापुरा माता की पूजा और नवरात्रि उत्सव बड़ी श्रद्धा और धूमधाम से संपन्न होते हैं।
सोसायटी के निवासियों का कहना है कि आशापुरा माता की कृपा से उनके जीवन में सुख, शांति और समृद्धि बनी रहती है, और यही कारण है कि सोसायटी में रहने वाले हर व्यक्ति के दिल में माताजी के प्रति असीम भक्ति और आस्था है।


