श्रीश उपाध्याय/मुंबई वार्ता

कुख्यात ड्रग तस्कर और अंडरवर्ल्ड डॉन Dawood Ibrahim के करीबी सहयोगी मोहम्मद सलीम डोला को नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो (NCB) की टीम बुधवार शाम मुंबई लेकर पहुंची। एक दिन पहले दिल्ली की अदालत ने उसे ट्रांजिट रिमांड पर NCB को सौंपा था।


डोला को Chhatrapati Shivaji Maharaj International Airport के टर्मिनल-2 पर लाया गया, जहां भारी पुलिस बंदोबस्त और मीडिया की मौजूदगी के बीच उसे दक्षिण मुंबई स्थित NCB कार्यालय ले जाया गया। उसे गुरुवार को कोर्ट में पेश किया जाएगा।


59 वर्षीय डोला को मार्च 2024 में भारत के अनुरोध पर जारी इंटरपोल रेड नोटिस के आधार पर तुर्किये में गिरफ्तार किया गया था। वह भारत में कई ड्रग तस्करी मामलों में वांछित था और लंबे समय से फरार चल रहा था।
मंगलवार को उसे दिल्ली लाया गया, जहां अदालत ने NCB को उसे मुंबई ले जाने के लिए दो दिन की ट्रांजिट रिमांड दी।
गृह मंत्रालय के अनुसार, डोला का दो दशक लंबा आपराधिक इतिहास रहा है। वह महाराष्ट्र और गुजरात में हेरोइन, चरस, मेफेड्रोन, मंड्रेक्स और मेथामफेटामाइन की बड़ी खेपों से जुड़े मामलों में सीधे तौर पर शामिल रहा है।
वह 252 करोड़ रुपये के मेफेड्रोन जब्ती मामले में भी वांछित है, जिसमें मुंबई पुलिस ने सांगली जिले में छापा मारकर एक ड्रग मैन्युफैक्चरिंग यूनिट का भंडाफोड़ किया था। इस मामले की जांच के दौरान भी उसके खिलाफ रेड कॉर्नर नोटिस जारी किया गया था।
पिछले साल उसके बेटे ताहिर सलीम डोला समेत सिंडिकेट के अन्य सदस्यों—मुस्तफा मोहम्मद कुब्बावाला और मोहम्मद सलीम मोहम्मद सुहैल उर्फ लविश शेख—को यूएई से डिपोर्ट कर मुंबई पुलिस ने गिरफ्तार किया था।
दक्षिण मुंबई के डोंगरी का रहने वाला डोला शुरुआत में कैटरिंग व्यवसाय से जुड़ा था, लेकिन बाद में वह ड्रग निर्माण और सप्लाई नेटवर्क में सक्रिय हो गया। विदेश में रहकर उसने देश के कई हिस्सों में मेफेड्रोन के नेटवर्क का विस्तार किया।
NCB की कस्टडी पूरी होने के बाद उसे आगे की जांच के लिए मुंबई पुलिस को सौंपे जाने की संभावना है।


