हरीशचंद्र पाठक/मुंबई वार्ता

मनपा द्वारा संचालित शताब्दी अस्पताल के पुनर्विकास का काम जून तक पूरा होना था और अक्टूबर तक पूरी तैयारी के साथ शुरू हो जाना था, लेकिन पुनर्विकास की समय सीमा बीत जाने के बाद भी यह काम अभी भी अधूरा है। ऐसे में मरीजों को जरूरी सुविधाएं नहीं मिल पाती हैं। इस कारण पीड़ित मरीजों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। उसके बाद भी मनपा प्रशासन अस्पताल के पुनर्वास को लेकर कोई ठोस कदम नहीं उठा रहा है।
बता दें कि मुंबई मनपा मुंबईकरों को अत्याधुनिक स्वास्थ्य सुविधाएं प्रदान करने के लिए उपनगरीय अस्पतालों का पुनर्विकास कर रहा है। इसमें गोवंडी के पंडित मदनमोहन मालवीय यानी शताब्दी अस्पताल के पुनर्विकास का काम चल रहा है सात महीने बीत जाने के बाद भी अस्पताल का पुनर्वास नहीं हो पाया है।
बताया जाता है कि गोवंडी के शताब्दी अस्पताल में मानखुर्द, चेंबूर, और गोवंडी इलाके के बड़ी संख्या में गरीब तबके के लोग इलाज के लिए आते हैं। लेकिन अस्पताल में हमेशा ही चिकित्सा सुविधाओं का अभाव रहता है।
खास बात यह है कि मनपा की ओर से जून २०२४ में इसके पुनर्वास का काम पूरा होने का दावा किया गया था। किंतु यह समय सीमा बीत जाने के बाद भी अस्पताल अब तक शुरू नहीं हो सका है।
जाने माने युवा सामाजिक कार्यकर्ता राजेंद्र नगराले ने बताया कि अस्पताल में सुविधाओं के साथ-साथ कर्मचारियों की संख्या भी कम है। 210 बिस्तरों वाले इस अस्पताल में मरीजों की देखभाल के लिए फिलहाल 150 कर्मचारियों की जरूरत है लेकिन स्टाफ की संख्या काफी कम है। ऐसे में एक स्वास्थ्य कर्मी को 40 से 50 मरीजों की देखभाल करनी पड़ती है. इसके अलावा अनेक मरीजों की जांच बाहर से की जा रही है. साथ ही दवा भी बाहर से लानी पड़ती है।
नगराले ने मनपा आयुक्त को दिए ज्ञापन में बताया कि कि चेंबूर, गोवंडी, बैगनवाड़ी मानखुर्द, शिवाजीनगर सहित विभिन्न क्षेत्रों से लगभग एक हजार मरीज हर दिन इस अस्पताल की ओपीडी में इलाज के लिए आते हैं। इसके साथ ही 30 से 35 मरीजों का ऑपरेशन होता है, लेकिन स्टाफ की कमी के कारण स्टाफ पर काम का बोझ ज्यादा रहता है। इसके अलावा अस्पताल में चिकित्सा स्वास्थ्य अधिकारी, लैब, ईसीजी तकनीशियन, एक्स-रे तकनीशियन, फार्मासिस्ट और कई अन्य तकनीशियनों की कमी है।
युवा समाजसेवक नगराले ने बताया कि प्रशासन से बार-बार पत्रव्यहार के बावजूद इस ओर ध्यान नहीं दिया जा रहा है। अगर 15 दिन के अंदर इस मामले में उचित कार्रवाई नहीं हुई तो मनपा स्वास्थ्य विभाग के खिलाफ तीव्र आंदोलन शुरूकिया जाएगा। यदि कोई अप्रिय घटना घटती है तो प्रशासन जिम्मेदार होगा।


