
● नगर निगम क्षेत्र की समस्याओं को लेकर कांग्रेस 4 मार्च को नगर निगम क्षेत्र में विरोध प्रदर्शन करेगी।
● कांग्रेस पदाधिकारियों की बैठक में राज्य के राजनीतिक हालात और जनता के ज्वलंत मुद्दों पर चर्चा की गई।
● मुख्यमंत्री को 16 फिक्सर अधिकारियों और उन मंत्रियों के नाम घोषित करने चाहिए जिनके अधीन ये अधिकारी काम कर रहे थे।
● मंत्री लापरवाह और अधिकारी आलसी हैं, प्रशासन जनता का काम नहीं कर रहा है, इसलिए मंत्रालय में आत्महत्या का प्रयास।
मुंबई वार्ता संवाददाता


भाजपा सरकार के शासन में राज्य के किसानों की हालत बेहद खराब है। उन्हें अपनी कृषि उपज के लिए गारंटीकृत मूल्य नहीं मिल रहा है। चुनाव के दौरान भाजपा गठबंधन ने किसानों के लिए कर्ज माफी की घोषणा की थी, लेकिन अभी तक इस पर कोई निर्णय नहीं लिया गया है। कांग्रेस किसानों के मुद्दों को प्राथमिकता देते हुए विधानमंडल बजट सत्र के पहले दिन 3 मार्च को राज्यव्यापी विरोध प्रदर्शन करेगी। यह घोषणा महाराष्ट्र प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष हर्षवर्धन सपकाल ने की है।
उन्होंने कहा कि मनपा क्षेत्र में ठप पड़े विकास कार्यों के खिलाफ 4 मार्च को मनपा क्षेत्र में भी विरोध प्रदर्शन किया जाएगा।मंगलवार को प्रदेश कांग्रेस पदाधिकारियों की बैठक तिलक भवन में हुई। इस बैठक में जनता के समक्ष उपस्थित मुद्दों पर चर्चा की गई तथा आंदोलन की रूपरेखा तय की गई। बैठक में 8 और 9 मार्च को बीड जिले में आयोजित की जा रही सद्भावना पदयात्रा के साथ-साथ पार्टी संगठन को मजबूत करने पर भी मंथन किया गया ।
बैठक में अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के सचिव एवं सह-प्रभारी बी. एम.संदीप, कुणाल चौधरी, सीडब्ल्यूसी सदस्य व प्रदेश कार्यकारी अध्यक्ष नसीम खान, प्रदेश उपाध्यक्ष और एडवोकेट गणेश पाटिल, मुख्य प्रवक्ता अतुल लोंढे और अन्य क्षेत्रीय पदाधिकारी उपस्थित थे।
बैठक के बाद पत्रकारों से बातचीत करते हुए प्रदेश अध्यक्ष हर्षवर्धन सपकाल ने कहा कि प्रदेश की भाजपा गठबंधन सरकार किसान विरोधी और पूंजीपतियों की समर्थक है। किसानों को सोयाबीन 4,000 रुपये प्रति क्विंटल की कीमत पर बेचना पड़ रहा है, जो गारंटीकृत मूल्य से भी कम है। प्याज, चना और कपास जैसी फसलों का भी उचित मूल्य किसानों को नहीं मिल रहा है।
अब जबकि किसान की तुअर मंडी में आने वाली है, तो केंद्र सरकार ने ऑस्ट्रेलिया से तुअर आयात करने का फैसला किया है। भाजपा सरकार के इस फैसले से किसान की तुअर को अच्छी कीमत नहीं मिलेगी। किसानों की वर्तमान स्थिति के लिए सरकार जिम्मेदार है। इसलिए कांग्रेस पार्टी किसानों के मुद्दों को लेकर 3 मार्च को प्रदेश भर के सभी जिला मुख्यालयों पर राज्यव्यापी विरोध प्रदर्शन करेगी और सरकार को जगाने का काम करेगी।सपकाल ने आगे कहा कि राज्य में तीन वर्षों से स्थानीय निकाय के चुनाव नहीं हुए हैं। इस मामले पर तारीख पर तारीख और सत्ता का खेल चल रहा है।
मुख्यमंत्री, राज्य की सारी शक्ति अपने हाथ में चाहते हैं और प्रधानमंत्री केंद्र की सारी शक्ति अपने हाथ में चाहते हैं। इसके कारण भाजपा सरकार सत्ता का विकेंद्रीकरण करने में विफल रही है। चूंकि कार्यकाल समाप्त होने के बाद भी चुनाव नहीं हुए हैं, इसलिए जनप्रतिनिधियों और नगर सेवकों के माध्यम से जनता के लिए जो काम होते थे, वे अब नहीं हो पा रहे हैं। प्रशासन, पालक मंत्री और विधायकों की ठेकेदारी चल रही है। इस पृष्ठभूमि में सपकाल ने यह भी कहा कि कांग्रेस पार्टी 4 मार्च को नगर निगम क्षेत्र में धरना देकर सरकार का ध्यान जनता के मुद्दों की ओर आकर्षित करेगी।पत्रकारों के एक सवाल के जवाब में हर्षवर्धन सपकाल ने कहा कि मुख्यमंत्री ने मंत्रियों के पीए और ओएसडी नियुक्ति के लिए 106 लोगों को क्लीन चिट दे दी, लेकिन कहा कि 16 लोगों की नियुक्ति इसलिए नहीं की गई क्योंकि वे फिक्सर थे। मुख्यमंत्री को 16 फिक्सर लोगों के नाम घोषित करने चाहिए तथा उन फिक्सर मंत्रियों के नाम भी बताने चाहिए जिनके अधीन ये अधिकारी काम कर रहे थे।
सपकाल ने मांग की कि सिर्फ फिक्सर अधिकारियों की बलि नहीं ली जानी बल्कि दलाल मंत्रियों के खिलाफ भी कार्रवाई की जानी चाहिए। .कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि सार्वजनिक कार्य न होने तथा प्रशासन ठप होने से हताश होकर एक युवक ने मंगलवार को मंत्रालय में आत्महत्या का प्रयास किया। प्रशासन की अक्षमता के कारण जनता परेशान है।सपकाल ने कहा कि राजस्व विभाग के अधिकारी अवैध रिसॉर्ट में पार्टी कर रहे हैं। राज्य में , तमाम तरह की अवैध गतिविधियां चल रही हैं, लेकिन सरकार अपने आप में मस्त है।


