घाटशीळ पारगाव में श्री संत वामनभाऊ महाराज के नारळी सप्ताह में मुख्यमंत्री ने दर्ज कराई उपस्थिति।

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मुंबई वार्ता संवाददाता

बीड जिले को नारळी सप्ताह, अध्यात्म और विचारों की एक बड़ी परंपरा विरासत में मिली है। संत वामनभाऊ द्वारा शुरू की गई सप्ताह की परंपरा 93 वर्षों से निरंतर जारी है। इस परंपरा के माध्यम से समाज निर्माण का महत्वपूर्ण कार्य हो रहा है, यह बात मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने आज कही।

उन्होंने कहा कि गहिनीनाथ गढ़ का विकास करते हुए बीड जिले को जल समृद्ध जिला बनाया जाएगा।शिरूर कासार तालुका के घाटशीळ पारगाव में श्री संत वामनभाऊ महाराज के 93वें नारळी सप्ताह में मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस उपस्थित थे, उस समय वे बोल रहे थे।

इस अवसर पर पर्यावरण मंत्री पंकजा मुंडे, मठाधिपति विठ्ठल बाबा महाराज, वक्फ बोर्ड के अध्यक्ष समीर काजी, विधायक सर्वश्री सुरेश धस, श्रीमती नमिता मुंदडा, श्रीमती मोनिका राजळे, पूर्व विधायक जयदत्त क्षीरसागर, पूर्व विधायक भीमराव धोंडे, विभागीय आयुक्त दिलीप गावडे, विशेष पुलिस महानिरीक्षक वीरेंद्र मिश्रा, जिलाधिकारी अविनाश पाठक उपस्थित थे।

फडणवीस ने आगे कहा, गहिनीनाथ गढ़ के विकास का काम जारी है और आगे भी विकास के ये काम करने हैं। संतों द्वारा दिखाया गया भक्ति का मार्ग समाज ने नहीं छोड़ा है। समाज निर्माण करने वाली इस परंपरा में समाज के सभी वर्गों की भागीदारी दिखाई दे रही है। इसमें मुस्लिम समुदाय के लोग भी शामिल हुए, यह खुशी की बात है। हमारे नेता स्वर्गीय गोपीनाथराव मुंडे के कारण बीड जिले से एक अलग रिश्ता बन गया है। आज मुझे वामनभाऊ की इस सप्ताह की परंपरा में शामिल होकर आशीर्वाद लेने का मन से आनंद मिला है।गहिनीनाथ गढ़ पर आने वाले प्रत्येक भक्त की उत्तम व्यवस्था होनी चाहिए। गढ़ के साथ-साथ इस क्षेत्र के भक्तों की सुविधाओं और इस क्षेत्र के विकास के लिए हम प्रतिबद्ध हैं।

फडणवीस ने कहा, मराठवाड़ा और बीड जिले को स्थायी रूप से सूखा मुक्त करने के लिए सरकार ने कृष्णा नदी का पानी आष्टी तक लाया है। उस पानी को पूरे बीड जिले में पहुंचाने का हमारा संकल्प है। मराठवाड़ा और बीड जिले को जल समृद्ध बनाने के लिए गोदावरी घाटी में 53 टीएमसी पानी लाने की योजना को भी मंजूरी दी गई है। इससे इस क्षेत्र का सूखा हमेशा के लिए मिट जाएगा। आज की पीढ़ी ने सूखा देखा है, अगली पीढ़ी को देखने नहीं देंगे।

पर्यावरण मंत्री पंकजा मुंडे ने कहा, संत वामनभाऊ, संत भगवान बाबा ने इस क्षेत्र के लोगों में आध्यात्मिक रुचि पैदा करने वाली सप्ताह की परंपरा शुरू की, जो निरंतर जारी है। गहिनीनाथ गढ़ के विकास के साथ-साथ बीड जिले के सर्वांगीण विकास के लिए मुख्यमंत्री हमारे साथ हैं। इसलिए आने वाले समय में बीड जिला निश्चित रूप से सुजलाम सुफलाम होगा, उन्होंने यह विश्वास व्यक्त किया।

इस अवसर पर गढ़ के मठाधिपति विठ्ठल महाराज ने संत वामनभाऊ द्वारा 93 वर्ष पूर्व शुरू की गई अखंड नारळी सप्ताह परंपरा के बारे में जानकारी दी। इस अवसर पर बीड, अहिल्यानगर जिले के श्रद्धालु भक्त बड़ी संख्या में उपस्थित थे।

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