● पीड़ित परिवारों के साथ पूरी एकजुटता व्यक्त कीमुंबई, भारत — कश्मीरी पंडित समुदाय
सतीश सोनी/मुंबई वार्ता

कश्मीरी पंडित समुदाय 22 अप्रैल, 2025 को जम्मू और कश्मीर के पहलगाम में हुए भयावह आतंकी हमले से बेहद स्तब्ध और व्यथित है। आतंकियों ने बैसारन घाटी में हिंदू तीर्थयात्रियों के एक समूह पर अंधाधुंध गोलियां बरसाईं, जिसमें कम से कम 28 निर्दोष लोगों की मौत हो गई और 20 से अधिक घायल हो गए।यह जघन्य हमला न केवल मानवता के विरुद्ध है, बल्कि यह दर्शाता है कि घाटी में अल्पसंख्यकों की सुरक्षा अभी भी एक गंभीर चिंता का विषय बनी हुई है।


कश्मीरी पंडित समुदाय का कहना है कि हम इस बर्बर कृत्य की कठोर शब्दों में निंदा करते हैं और सरकार से मांग करते हैं कि दोषियों को तत्काल गिरफ्तार कर कठोरतम सजा दी जाए।कश्मीरी पंडित समुदाय पीड़ित परिवारों के साथ इस कठिन घड़ी में कंधे से कंधा मिलाकर खड़ा है। हमारा दिल उन परिवारों के लिए रो रहा है जिन्होंने अपनों को इस अमानवीय हमले में खो दिया। यह हमला हमारे पुराने ज़ख्मों को फिर से हरा कर गया है, जब हमें भी ऐसी ही नफरत और हिंसा का सामना करना पड़ा था।
कश्मीरी पंडित समुदाय ने सरकार से यह भी आग्रह किया हैं कि इस घटना की निष्पक्ष और गहन जांच करवाई जाए और ऐसे पुख्ता कदम उठाए जाएं जिससे भविष्य में इस प्रकार की घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।यह समय है कि पूरा देश आतंकवाद के विरुद्ध एकजुट होकर खड़ा हो और यह सुनिश्चित करे कि किसी भी निर्दोष नागरिक को उसकी आस्था या पहचान के कारण निशाना न बनाया जाए।


