मुंबई वार्ता संवाददाता

महाराष्ट्र के रायगढ़ जिले की एक अदालत ने शनिवार को राज्य बाल अधिकार आयोग की पूर्व अध्यक्ष मीनाक्षी जायसवाल की दिसंबर 2014 में नवी मुंबई में उनके घर पर हुई हत्या के मामले में तीन लोगों को दोहरे आजीवन कारावास की सजा सुनाई है।
अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश (पनवेल कोर्ट) एसएस शिंदे ने तीनों आरोपियों- पीड़िता के ड्राइवर विनायक चव्हाण और उसके साथियों मनिंदर सिंह बाजवा और सूरज जायसवाल को भारतीय दंड संहिता (आईपीसी) के तहत हत्या और डकैती का दोषी ठहराया। महाराष्ट्र राज्य बाल अधिकार संरक्षण आयोग की पूर्व अध्यक्ष जायसवाल के पति उस समय मालेगांव में न्यायाधीश थे। उनको नवी मुंबई में उनके घर पर मारा गया था।
राज्य की ओर से पेश हुए विशेष लोक अभियोजक उज्ज्वल निकम ने कहा कि यह मामला परिस्थितिजन्य साक्ष्यों पर आधारित है।


