मुंबई वार्ता/सतीश सोनी

केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) ने नीट परीक्षा में अच्छे अंक दिलाने का वादा करके छात्रों से ठगी करने वाले गिरोह के दो सदस्यों को गिरफ्तार किया है। सीबीआई ने शनिवार को यह जानकारी दी.
आरोपी खुद को नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (एनटीए) के अधिकारियों से संबंधित बताकर भरोसा हासिल कर रहे थे। आरोपियों पर कई छात्रों और नगर पालिकाओं को ठगने का आरोप है।
सीबीआई ने कहा कि गिरफ्तार आरोपियों में संदीप शाह (सोलापुर) और सलीम पटेल (नवी मुंबई) शामिल हैं और उन्हें मुंबई और सांगली से गिरफ्तार किया गया।
सीबीआई ने इस मामले में ९ जून को धोखाधड़ी का मामला दर्ज किया था और जांच में पता चला था कि आरोपियों ने नीट यूजी २०२५ परीक्षा में कम अंक लाने वाले छात्रों के अंक बढ़ाने के लिए अभिभावकों से मोटी रकम ऐंठी थी। आरोपियों ने अधिकारियों की मदद से कई छात्रों और अभिभावकों को अपने अंक बढ़ाने का लालच दिया था।
सीबीआई ने स्पष्ट किया है कि आरोपियों ने इसके बदले में मोटी रकम ली थी। अभिभावकों को प्रभावित करने के लिए आरोपी परेल इलाके के एक फाइव स्टार होटल में अभिभावकों से मिलते थे। संदीप शाह ने प्रत्येक छात्र के लिए ९० लाख रुपये की मांग की थी। हालांकि चर्चा के बाद वह ८७ लाख ५० हजार रुपये की यह रकम स्वीकार करने को तैयार हो गया इस लेन-देन में संदीप शाह नवी मुंबई की एक एजुकेशन कंसल्टेंसी फर्म के निदेशक सलीम पटेल के साथ नियमित रूप से संपर्क में था।
सीबीआई ने यह भी बताया है कि वह पुणे की एक अन्य कंसल्टेंसी फर्म से भी जुड़ा हुआ था। सीबीआई अधिकारियों ने बताया कि गिरफ्तार आरोपियों के मोबाइल फोन की जब फोरेंसिक प्रयोगशाला में जांच की गई तो उसमें संभावित उम्मीदवारों की सूची, उनके रोल नंबर, एडमिट कार्ड, ओएमआर शीट और हवाला चैनलों के जरिए वित्तीय लेनदेन के सबूत मिले। दोनों आरोपियों को कोर्ट में पेश किया गया। उस समय कोर्ट ने दोनों को १६ जून तक सीबीआई की हिरासत में भेज दिया था।
सीबीआई ने कहा था कि इस मामले में अभी तक कोई सरकारी अधिकारी या एनटीए कर्मचारी शामिल नहीं पाया गया है। फिलहाल सीबीआई आरोपियों के कॉल डिटेल और वित्तीय लेनदेन की जांच कर रही है और ठगी का शिकार हुए छात्रों और उनके अभिभावकों की तलाश कर रही है।


