मुंबई वार्ता/संजय जोशी

इस्कॉन वैकुंठ गिरी में आयोजित अखंड महा जप यज्ञ सफलतापूर्वक संपन्न हुआ। इस महायज्ञ में 1008 भक्तों ने 108 मालाएँ हरे कृष्ण महामंत्र का जप किया, जिससे 18 करोड़ से अधिक पवित्र नामों का जप हुआ। यह आयोजन विश्व शांति, सद्भाव और भक्ति का संदेश देने के लिए किया गया था।


पवित्र एकादशी तिथि पर आयोजित इस कार्यक्रम में भक्तों ने उपवास रखा और मंत्र जप किया, जिससे यहां एक आध्यात्मिक चैतन्यमय वातावरण बन गया। इस्कॉन बेंगलूरु के अध्यक्ष मधु पंडित दासजी ने कहा कि यह आयोजन आत्मोद्धारक और शांति की शक्ति की किरण बन गया है।
यह कार्यक्रम कई सदियों पुरानी मंत्र जप की आध्यात्मिक परंपरा को पुनर्जीवित करने का प्रयास था। इस्कॉन वैकुंठ गिरी के शांत वातावरण में, भक्त लगातार 12 घंटे तक हरे कृष्ण मंत्र जप में लीन रहे।
मधु पंडित दासजी ने कहा, यह केवल एक धार्मिक कार्यक्रम नहीं, बल्कि आत्मोद्धारक कार्यक्रम है। वे बोले, दुनिया भर में संघर्ष और चिंता तथा अशांति के माहौल में, यह अखंड जपयज्ञ शांति और एकता की शक्ति की किरण बन गया। इस्कॉन वैकुंठ गिरी में उपस्थित 1008 भक्तों ने एकादशी के उपवास के साथ, पूर्ण श्रद्धा और निष्ठा के साथ हरे कृष्ण मंत्र जप किया। यह सभी भक्तों की व्यक्तिगत शांति और विश्व शांति तथा कल्याण के लिए एक समर्पण था।


