■आईपीएल में कालेधन के लेनदेन का आरोप
मुंबई वार्ता/सतीश सोनी

यवतमाल में कई मजदूरों के खातों का इस्तेमाल कालेधन को सफेद करने के लिए किया गया है। बताया जा रहा है कि कई मजदूरों के खातों से गत तीन महीने में 100 करोड़ रुपये से अधिक का कारोबार हुआ है। यह पैसा आईपीएल का बताया जा रहा है।
ग्रामीणों ने आरोप लगाया है कि इस मामले में यवतमाल के पंढरकवाड़ा पुलिस थाने के एक सहायक पुलिस निरीक्षक और दो पुलिसकर्मी शामिल हैं। पता चला है कि गांव में रोजी-रोटी कमाकर अपना गुजारा करने वाले मजदूरों के नाम पर एक बैंक खाता खोला गया था और मार्च से जून 2025 तक तीन महीनों में इसमें 100 करोड़ रुपये का लेनदेन हुआ है।
आरोप है कि यवतमाल के पंढरकवाड़ा स्थित बैंक ऑफ महाराष्ट्र में हुआ यह कारोबार कालेधन को सफेद करने के लिए किया गया। इसमें पंढरकवाड़ा थाने के एक एपीआई समेत दो पुलिसकर्मी शामिल हैं। श्रीकांत करलावार और श्रीधर चव्हाण ने पांढरकवाड़ा पुलिस थाने में शिकायत दर्ज कराई थी। यह रकम आईपीएल की है।
पांढरकवाड़ा तालुका के सुदूर क्षेत्र चोपन, वाघोली, वसंतनगर, देहेली तांडा के नागरिकों की शिकायत के अनुसार मयूर चव्हाण ने कई लोगों के आधार कार्ड और विभिन्न दस्तावेज लिए थे। उसके बाद गांव की किरण राठौड़ के खाते में 1 करोड़ 16 लाख रुपए आए। जल्द ही पता चला कि यह रकम किसी दूसरे खाते में चली गई है। पूर्व महापौर संतोष बोराले को जब इसकी जानकारी मिली तो उन्होंने बैंक में पूछताछ की। बाद में पता चला कि सैकड़ों खातों में इसी तरह का लेनदेन हुआ है। इस मामले में पांढरकवाड़ा पुलिस में शिकायत दर्ज कराई गई। हालांकि संतोष बोराले ने आरोप लगाया कि पुलिस कार्रवाई नहीं कर रही है।


