
अगस्त क्रांति दिवस के अवसर पर कांग्रेस पार्टी और सामाजिक संगठनों की पदयात्रा एवं शहीदों को अभिवादन।मुंबई, दिनांक 9 अगस्त 2025आज के दिन 1942 में राष्ट्रपिता महात्मा गांधी ने ‘करो या मरो’ का मंत्र देते हुए जुल्मी अंग्रेज़ों को ‘चले जाओ’ का नारा दिया था। आज देश में वही स्थिति है, तानाशाही प्रवृत्तियाँ पनप रही हैं और वे लोकतंत्र व संविधान को निगलना चाहती हैं। आज इन प्रवृत्तियों के खिलाफ आवाज़ उठाने की ज़रूरत है और देश के लिए घातक इन प्रवृत्तियों को ‘चले जाओ’ की चेतावनी दे रहे हैं, ऐसा महाराष्ट्र प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष हर्षवर्धन सपकाल ने कहा।


अगस्त क्रांति दिवस के अवसर पर गिरगांव चौपाटी स्थित लोकमान्य तिलक की प्रतिमा से कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष हर्षवर्धन सपकाल और राष्ट्रपिता महात्मा गांधी के प्रपौत्र तुषार गांधी के नेतृत्व में अगस्त क्रांति मैदान तक पदयात्रा निकाली गई। गवालिया टैंक पर स्वतंत्रता संग्राम और ‘अंग्रेज़ो चले जाओ’, ‘भारत छोड़ो’ आंदोलन के शहीदों को श्रद्धांजलि अर्पित की गई।


इस अवसर पर मुंबई कांग्रेस अध्यक्ष सांसद वर्षा ताई गायकवाड़, महाराष्ट्र प्रदेश कांग्रेस कमेटी के उपाध्यक्ष राजन भोसले, वरिष्ठ प्रवक्ता अतुल लोंढे, चरणसिंह सप्रा, महासचिव संदेश कोंडविलकर, श्रीरंग बर्गे, श्रीकृष्ण सांगले, एड. अमित कारंडे, मधु चव्हाण, भावना जैन, मोनिका जगताप, धनंजय शिंदे समेत कांग्रेस पदाधिकारी और सामाजिक संस्थाओं के प्रमुख कार्यकर्ता बड़ी संख्या में उपस्थित थे।


मीडिया से बात करते हुए कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष हर्षवर्धन सपकाल ने कहा कि आज महात्मा गांधी का संदेश और देश को आज़ादी कैसे मिली, इसकी याद सभी को होनी चाहिए। स्वतंत्रता के लिए बड़ा संघर्ष करना पड़ा और लंबे संघर्ष के बाद हमें आज़ादी मिली, लेकिन आज देश की परिस्थिति देखते हुए एक बार फिर ‘चले जाओ’ का नारा देने की ज़रूरत है और देश में आज एक नई क्रांति की आवश्यकता है।
उन्होंने कहा कि नागपुर की ‘चिप’ आतंक मचा रही है, वह पूरी व्यवस्था को भ्रष्ट कर रही है और वह चिप लोगों के दिमाग में ठूँसने का प्रयास हो रहा है। महात्मा गांधी की हत्या करने वाली प्रवृत्ति, स्त्री-पुरुष समानता को नकारने वाली प्रवृत्ति और छुआछूत मानने वाली प्रवृत्ति को समाप्त करने की आवश्यकता है। आज अगर इस प्रवृत्ति को नहीं कुचला गया, तो आने वाली पीढ़ी हमें माफ़ नहीं करेगी।


