मुंबई वार्ता संवाददाता

” जब तक जीव सुरक्षित नहीं होंगे, तब तक पृथ्वी भी सुरक्षित नहीं रह सकती, यही प्रकृति का सिद्धांत है। इसलिए यदि हमें इस पृथ्वी को सुरक्षित रखना है, तो हमें जीवों को भी सुरक्षित रखना होगा,”जय आबूराज सेवा फाउंडेशन एवं माली नवयुवक मित्र मंडल मुंबई द्वारा आयोजित स्वागत समारोह के दौरान राहुल नार्वेकर ने उक्त बातें कहीं।


जय आबूराज सेवा फाउंडेशन एवं माली नवयुवक मित्र मंडल मुंबई द्वारा चीरा बाजार स्थित माहेश्वरी भवन परिसर में एक स्वागत एवं विचार-विमर्श कार्यक्रम का आयोजन किया गया था। कार्यक्रम में उपस्थित लोगों ने जीव दया, समाज सेवा और वर्तमान राजनीतिक स्थिति पर गहन चर्चा की। अंत में, अतिथियों को स्मृति चिन्ह देकर सम्मानित किया गया।


नार्वेकर ने आगे कहा, “विधानसभा अध्यक्ष और जैन धर्म का अनुयायी होने के नाते, मैं जीवदया के मुद्दे पर समझौता नहीं कर सकता, क्योंकि जीवदया समझौते का विषय नहीं है। उन्होंने कहा कि भले ही हमारी भावनाओं को विकृत किया गया हो, लेकिन हमारी व्यक्तिगत रूप से यही भावना है, “जीव सुरक्षित है, तो विश्व सुरक्षित है” और हम विश्व को सुरक्षित रखने के लिए आवश्यक कदम अवश्य उठाएंगे। यह जैन धर्म की भावनाओं को ठेस पहुँचाए बिना किया जा सकता है। क्योंकि अहिंसा हमारी संस्कृति और संस्कार है।”


जैन संत नीलेश चंद्र ने कहा, “हमारा मारवाड़ी समाज सबके दुख-दर्द में साथ देने वाला समाज है। राम और रावण की तरह, मारवाड़ी मराठियों की भी राशि एक ही है, लेकिन राहुल नार्वेकर जी हमारे लिए राम के समान हैं।” संत नीलेश विजय जी ने याद दिलाया कि जब विले पार्ले में जैन मंदिर का मामला हुआ, तो कोई जनप्रतिनिधि या मंत्री नहीं आया, राहुल नार्वेकर हमारे साथ खड़े रहे। नार्वेकर जी ने 100 साल पुराने मंदिर को बचाने में भी सहयोग दिया।”
संत नीलेश विजय जी ने आगे कहा कि गाय को राज्य की माता घोषित करने का महान कार्य भी राहुल नार्वेकर के नेतृत्व में हुआ और इसके लिए जितनी प्रशंसा की जाए कम है। जैन श्रेष्ठी हार्दिक हुंडिया ने मुंबई में चल रहे कबूतरखाना मामले को लेकर संत नीलेश चंद्र विजय जी द्वारा उठाए गए कदमों की सराहना की और कहा कि आज के समय में गुरुदेव मुंबई फिल्म जगत के नायक होने की बजाय समाज के नायक बन गए हैं। महाराष्ट्रीयन होते हुए भी श्री नीलेश चंद्र विजय 36 कौमों को साथ लेकर चल रहे हैं। वे किसी भी प्रकार के धार्मिक कार्य और दान-पुण्य के कार्यों में बढ़-चढ़कर हिस्सा लेते हैं। राहुल नार्वेकर जी और नीलेशचंद्र विजय जी ने जीवदया का कार्य अपने हाथ में लिया है और वे इसमें काफी हद तक सफल भी हुए हैं।
बैठक के दौरान हार्दिक हुंडिया ने उपस्थित बच्चों से कहा कि आप सभी गुरुदेव के साथ एक फोटो अवश्य खिंचवाएं ताकि आपको भी प्रेरणा मिलती रहे। जय आबूराज संस्था द्वारा आयोजित कार्यक्रम में राजस्थान में अव्वल आए विद्यार्थियों को एयरलिफ्ट करके मुंबई ले जाकर सम्मानित किया गया। यह कार्यक्रम पिछले 10 वर्षों से मोहन माली एवं उनकी टीम के नेतृत्व में आयोजित किया जा रहा है।


