मुंबई वार्ता/सतीश सोनी

पिछले दो-तीन दिनों से हो रही भारी बारिश और समुद्र से ज़मीन की ओर चल रही हवाओं के कारण गिरगाँव चौपाटी पर ज़हरीली नीली बोतल जेलीफ़िश की मौजूदगी बढ़ गई है। हर साल इस दौरान मुंबई के तट पर नीली बोतल जेलीफ़िश दिखाई देती हैं और कई पर्यटकों को इनके काटने का अनुभव होता है।


नीली बोतल जेलीफ़िश एक समुद्री जीव है और इसका नाम इसके आकार और रूप के आधार पर रखा गया है। नीली बोतल जेलीफ़िश समुद्र में अनगिनत नीले धागों और हवा से भरे अपारदर्शी गुब्बारों के कारण तैरती हैं।मुंबई के समुद्री पारिस्थितिकी तंत्र में तीन प्रकार के जेली जैसे जीव देखे जाते हैं। मानसून से पहले ‘नीला बटन’, मानसून के दौरान ‘नीली बोतल जेलीफ़िश’ और बारिश कम होने पर तट पर ‘बॉक्स’ जेलीफ़िश जेलीफ़िश दिखाई देती हैं।


नीली बोतल जेलीफ़िश ज़हरीली होती हैं।दो दिन पहले, वन्यजीव और समुद्री शोधकर्ता साहिर दोशी ने गिरगाँव चौपाटी समुद्र तट पर एक नीली बोतलनुमा डॉल्फ़िन देखी। नीली बोतलनुमा डॉल्फ़िन के काटने से सूजन और अत्यधिक दर्द होता है। काटने की स्थिति में चिकित्सा सहायता लेना ज़रूरी है। उचित उपचार से दर्द एक से दो घंटे में कम हो जाता है और चोट ठीक हो जाती है।


