मुंबई वार्ता/संजीव शुक्ल

एक प्रभावशाली और प्रेरणादायी संबोधन में माननीय केंद्रीय मंत्री एवं सांसद पीयूष गोयल ने हाल ही में किए गए जीएसटी कानूनों और दरों में परिवर्तनकारी सुधारों को देश के लिए माननीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा दिया गया एक “बड़ा तोहफ़ा” करार दिया।


मंत्री महोदय ने कहा कि देशभर के उद्योग, निर्माता और खुदरा व्यापारी नए जीएसटी ढांचे से भारी लाभ उठाएंगे। कई उत्पाद श्रेणियों पर कर की दरें घटकर 5% तक आने के साथ ही, उन्होंने उद्योग जगत से आग्रह किया कि इस लाभ को सीधे उपभोक्ताओं तक पहुँचाया जाए, जिससे व्यापक खपत और मजबूत माँग सुनिश्चित होगी।


“शुरुआत में यह आपके लाभांश (बॉटम लाइन) पर बड़ा असर न दिखाए, लेकिन माँग और बिक्री में भारी बढ़ोतरी से सभी के लिए ‘विन-विन’ स्थिति बनेगी। कम दाम का मतलब है ज़्यादा खपत और अधिक व्यावसायिक अवसर,” मंत्री ने कहा।
प्रधानमंत्री का आभार व्यक्त करते हुए गोयल ने याद दिलाया कि 15 अगस्त को प्रधानमंत्री ने जीएसटी सुधारों की घोषणा की थी। उन्होंने कहा कि इस बार जिन वस्तुओं और सेवाओं पर राहत दी गई है, उसकी व्यापकता उम्मीद से कहीं ज़्यादा है।
कराधान से परे, मंत्री महोदय ने सरकार की दीर्घकालिक दृष्टि पर बल दिया, जिसमें वर्ष 2047 तक भारत की जीडीपी को 4 ट्रिलियन डॉलर से 30 ट्रिलियन डॉलर तक पहुँचाने का लक्ष्य रखा गया है। अमृत काल में यह यात्रा निर्णायक नेतृत्व और सामूहिक प्रयासों के बल पर पूरी होगी।उन्होंने आगे यह भी रेखांकित किया:मेड इन इंडिया उत्पादों का समर्थन करना, चाहे कंपनी का स्वामित्व कहीं का भी हो।उद्योगों की भूमिका नौकरियां और अवसर पैदा करने में तथा भारत की विकास यात्रा में योगदान देने में।सरकार की प्रतिबद्धता ईज ऑफ डूइंग बिज़नेस, कम कराधान और ईज ऑफ लिविंग को बढ़ावा देने की।सस्ती वस्तुओं, स्वास्थ्य और पोषण के बीच संबंध जो एक स्वस्थ और सशक्त भारत के निर्माण में सहायक हैं।
मंत्री महोदय ने हल्दी, अदरक और प्रोबायोटिक्स जैसे भारतीय मूल के उत्पादों के स्वास्थ्य पर महत्त्वपूर्ण योगदान को भी रेखांकित किया और इसे प्रधानमंत्री की उस दृष्टि से जोड़ा जिसमें हर नागरिक के लिए उच्च गुणवत्ता वाली जीवनशैली और निवारक स्वास्थ्य देखभाल सुनिश्चित हो।
अपने संबोधन का समापन करते हुए गोयल ने प्रदर्शनी के आयोजकों और प्रतिभागियों को बधाई दी और विश्वास जताया कि ऐसे मंच न केवल उद्योग के विकास को गति देंगे, बल्कि भारत की समग्र विकास यात्रा में भी महत्वपूर्ण योगदान देंगे।


