मुंबई वार्ता/हरीशचंद्र पाठक

महाराष्ट्र सरकार की नवगठित न्यूनतम वेतन सलाहकार समिति की पहली बैठक आज मुंबई के बांद्रा स्थित कामगार भवन में संपन्न हुई। इस बैठक की अध्यक्षता समिति के अध्यक्ष गणेश ताठे ने की तथा मंडल सचिव अक्षय तुरेकर की विशेष उपस्थिती रही।


बता दें कि महाराष्ट्र सरकार ने 14 अगस्त 2025 को समिति का पुनर्गठन किया था। आगामी तीन वर्षों के लिए समिति में कुल 15 प्रतिनिधियों (श्रमिक, नियोक्ता तथा स्वतंत्र प्रतिनिधि) की नियुक्ति की गई है। नई समिति की इस पहली बैठक में सभी सदस्यों का स्वागत किया गया।बैठक में 24 अनुसूचित उद्योगों की न्यूनतम वेतन अधिसूचनाओं का आकलन किया गया। साथ ही 42 उद्योगों के न्यूनतम वेतन मसौदे, जो शासन को प्रस्तुत किए गए हैं, उन पर भी विस्तार से चर्चा की गई।
इनमें से श्रमिकों का सबसे अधिक शोषण हो रहे 10 उद्योगों के न्यूनतम वेतन का तत्काल पुनर्निर्धारण कर शासन को भेजने का निर्णय लिया गया।कानून के अनुसार हर पाँच वर्ष में उद्योगों के न्यूनतम वेतन का पुनर्निर्धारण होना आवश्यक है, परंतु कई उद्योगों में यह प्रक्रिया लंबित होने पर सभी सदस्यों ने गंभीर चिंता व्यक्त की।


आगे से समिति की बैठक हर माह आयोजित कर लंबित वेतन निर्धारण शीघ्र पूर्ण करने का सर्वसम्मति से निर्णय लिया गया।
इस बैठक में श्रमिक प्रतिनिधि के रूप में बाळासाहेब भुजबळ (पुणे), संजय जोरले (छत्रपति संभाजीनगर), योगेश आवळे (मुंबई), माणिक पाटील (खामगाव) तथा एडवोकेट गणेश देशमुख (नवी मुंबई) उपस्थित रहे। नियोक्ता प्रतिनिधि के रूप में बाबासाहेब दरेकर (पुणे), संतोष देशमुख (खामगाव) तथा स्वतंत्र प्रतिनिधि के रूप में वीरेंद्र ठाकुर (मुंबई), सुबोध रवींद्र देऊळगावकर (नागपुर), बिपिन नगीनदास गांधी (खामगाव-अकोला) सहित अन्य मान्यवर उपस्थित रहे।
बैठक का आकलन कर अध्यक्ष गणेश ताठे ने समापन भाषण दिया।जबकि आभार प्रदर्शन श्रमिक नेता बाळासाहेब भुजबळ ने किया। आगामी बैठक नवरात्र उत्सव के बाद आयोजित करने का सर्वसम्मति से निर्णय लिया गया।


