■ “एक गीत… एक राष्ट्र… एक भावना – वन्दे मातरम् हम सबको जोड़ता है।”
मुंबई वार्ता/सतीश सोनी

भारत के राष्ट्रीय गीत – “वन्दे मातरम्” के 150 वर्ष पूरे होने के उपलक्ष्य में 7 नवंबर, 2025 को चर्चगेट स्थित पश्चिम रेलवे मुख्यालय में इस गीत के पूर्ण संस्करण का सामूहिक गायन आयोजित किया गया। यह समारोह भारत के माननीय प्रधानमंत्री की अध्यक्षता में आयोजित मुख्य समारोह के साथ आयोजित किया गया।


मुख्यालय में यह कार्यक्रम पश्चिम रेलवे के महाप्रबंधक श्री विवेक कुमार गुप्ता के नेतृत्व में आयोजित किया गया और इसमें प्रमुख विभागाध्यक्षों, वरिष्ठ अधिकारियों और कर्मचारियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया।


पश्चिम रेलवे के मुख्य जनसंपर्क अधिकारी विनीत अभिषेक द्वारा जारी एक प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, राष्ट्रव्यापी स्मरणोत्सव के अनुरूप हमारे राष्ट्रगीत के 150 गौरवशाली वर्षों के उपलक्ष्य में राष्ट्र के प्रति एकता, सद्भाव और समर्पण के साझा आदर्शों की पुष्टि करने के लिए मुख्यालय कार्यालय, सभी मंडलों और कारखानों सहित पश्चिम रेलवे पर “वन्दे मातरम्” का सामूहिक गायन आयोजित किया गया।


यह कार्यक्रम देशभक्ति के जोश और उत्साह के साथ आयोजित किया गया और इसमें सभी स्तरों के अधिकारियों और कर्मचारियों की सक्रिय भागीदारी देखी गई, जो गर्व और देशभक्ति की भावना से इस राष्ट्रीय कार्यक्रम में शामिल हुए।वर्ष 2025 में बंकिम चंद्र चटर्जी द्वारा रचित “वन्दे मातरम्” की रचना के 150 वर्ष पूरे हो जाएँगे। यह गीत अक्षय नवमी (7 नवंबर 1875) के दिन लिखा गया था और पहली बार साहित्यिक पत्रिका बंगदर्शन में उनके उपन्यास आनंदमठ के एक अंश के रूप में प्रकाशित हुआ था।
दशकों से यह गीत भारत की स्वतंत्रता, एकता और राष्ट्रीय गौरव का अमर प्रतीक बन गया है।इस सामूहिक पहल के माध्यम से पश्चिम रेलवे गर्वपूर्वक राष्ट्र के साथ इस ऐतिहासिक अवसर का उत्सव मनाते हुए, “वन्दे मातरम्” की भावना के अनुरूप देशभक्त्िा, सेवा एवं समर्पण के आदर्शों को सशक्त बनाए रखने की अपनी प्रतिबद्धता दोहराती है।


